जान मारने की नियत से अपहृत को पुलिस ने किया आठ घंटे में बरामद, आठ अपराधी गिरफ्तार, स्कार्पियो जब्त
जान मारने की नियत से अपहृत को पुलिस ने किया आठ घंटे में बरामद
बांका. बांका पुलिस ने जान मारने की नियत से अपहरण की घटना के आठ घंटे के अंदर अपहृत युवक को शाहकुंड-अमरपुर मुख्य मार्ग पर शंभुगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत किरणपुर के समीप सकुशल बरामद कर लिया है. साथ ही पुलिस ने इस घटना में शामिल आठ अपराधियों को धर दबोचा व घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो को भी जब्त कर लिया है. गिरफ्तार अपराधियों में तीन सहोदर भाई बाराहाट थाना क्षेत्र के केनवाटीकर गांव निवासी कुंदन कुमार मांझी, चंदन कुमार मांझी व मिथलेश कुमार मांझी पिता उपेंद्र मांझी के अलावा बाराहाट थाना क्षेत्र के बाबुडीह गांव के सुमन कुमार पिता धनंजय मांझी, रुपेश कुमार पिता नागेश्वर यादव, पिंटू कुमार मंडल पिता नरसिंह मंडल एवं शंभुगंज थाना क्षेत्र के किरणपुर गांव निवासी आदर्श पटेल पिता विलास कुमार सिंह व अजय सिंह पिता जयराम सिंह शामिल थे. एसडीपीओ विपिन बिहारी ने सोमवार को अनुमंडल पुलिस कार्यालय में एक प्रेस वार्ता इसकी जानकारी देते हुये बताया कि शंभुगंज थाना क्षेत्र के बेलारी गांव निवासी जूली कुमारी ने पुलिस को सूचना दिया कि गत रविवार को घर से शंभुगंज बाजार जाने के क्रम में अज्ञात अपराधियों द्वारा स्कार्पियो से उनके पति बंटी कुमार का अपहरण कर मिर्जापुर की ओर भाग रहा है. सूचना मिलने पर एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा के निर्देश पर बांका एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा नाकाबंदी कर किरणपुर के समीप स्कार्पियो को रोका गया. वाहन रुकते ही उस पर सवार सभी अपराधी भागने लगे. इस दौरान पुलिस ने भाग रहे आठ अपराधियों को गिरफ्तार करते हुये अपहृत बंटी कुमार को सुरक्षित बरामद कर लिया.
पैसे की लेन-देन के कारण किया गया था अपहरण
एसडीपीओ ने प्रेस वार्ता ने बताया कि अपहृत व्यक्ति पहले अपराधी सगे भाई कुंदन व चंदन के साथ दिल्ली में एक साथ रहते थे. दिल्ली में ही तीनों के बीच दोस्ती हुई थी. इस दौरान दोनों के बीच 2 से 4 लाख रुपये की लेन-देन का पैसा बाकी रखने की बात सामने आयी है. पैसा नही देने पर हत्या करने की नियत से पिंटू का अपहरण कर लिया गया. अपहरणकर्ताओं के द्वारा पैसा नही मिलने पर जान से मारने की योजना थी. इस बावत साजिशकर्ता ने लोकल स्तर पर अपराधियों को अपने साथ इकठ्ठा कर अपहरण की घटना को अंजाम दिया. आगे एसडीपीओ ने बताया है कि समय पर अगर पुलिस कार्रवाई नही करती तो अपहृत की जान भी जा सकती थी. फिलवक्त पुलिस गिरफ्तार सभी अपराधियों से पूछताछ कर रही है. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर सभी अपराधियों को जेल भेज दिया जायेगा. वहीं टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों को पुरस्कृत भी किया जायेगा.
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