मंदार में नृत्य-संगीत के साथ अनुष्ठान में लीन दिखे सफा अनुयायी

ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मंदार तराई में सफा समुदाय के अनुयायियों ने इन दिनों अपना पड़ाव डाल दिया है.

By SHUBHASH BAIDYA | January 11, 2026 8:38 PM

बौंसी. ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मंदार तराई में सफा समुदाय के अनुयायियों ने इन दिनों अपना पड़ाव डाल दिया है. सफा श्रद्धालु पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ अपने धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुष्ठान को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न कर रहे हैं. बिहार, झारखंड, बंगाल सहित अन्य प्रति से आए सफा अनुयायियों का कहना है कि यह आयोजन न केवल उनकी आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति और सामाजिक एकता का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है. धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पुरुष और महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजे नजर आए. ढोल, मांदर, नगाड़ा और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर अनुयायियों की भीड़ सामूहिक नृत्य संगीत के जरिए अपने इष्ट को प्रसन्न करने का काम कर रहे हैं. गीतों के बोल समुदाय की परंपराओं, प्रकृति और पूर्वजों की स्मृति से जुड़े हुए हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो गया है. समुदाय के बुजुर्गों के अनुसार, यह अनुष्ठान वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सामाजिक समरसता बनाए रखना, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है. अनुष्ठान के दौरान विशेष पूजा-अर्चना की गयी और सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से सुख-समृद्धि की कामना की गयी. आयोजन स्थल पर अनुशासन और पारंपरिक नियमों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. आदिवासियों के गुरु की मौजूदगी में पूरे अनुशासन नियम और निष्ठा के साथ सफा अनुयायी इस कड़ाके की ठंड में भी पर्वत तराई में रहकर पूजा अर्चना में लीन हैं.

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