Shambhuganj Water Crisis : शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. चुटिया बेलारी पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित मेढ़िया पचरुखी महादलित टोला के ग्रामीणों ने पेयजल संकट को लेकर सोमवार को प्रखंड मुख्यालय में प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से नल-जल योजना पूरी तरह बंद पड़ी है, जिससे करीब 100 परिवारों के सामने पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है.
कृषि कनेक्शन से बढ़ी परेशानी, मोटर नहीं ले रही लोड
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलमीनार के ट्रांसफार्मर से कृषि कनेक्शन जोड़ दिए जाने के कारण लगातार लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है. इसकी वजह से जलमीनार की मोटर सही तरीके से काम नहीं कर पा रही है और पूरे वार्ड में जलापूर्ति बंद हो गई है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया.
एक साल से खराब पड़ा चापाकल, दूसरी बस्ती से ला रहे पानी
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का पीएचईडी का एकमात्र चापाकल भी पिछले एक वर्ष से खराब पड़ा है. ऐसे में पूरी बस्ती केवल जलमीनार पर निर्भर थी. अब जलापूर्ति बंद होने से लोगों को दूसरी बस्ती से पानी लाना पड़ रहा है. हालात ऐसे हैं कि पीने के पानी के साथ-साथ स्नान, कपड़े धोने और अन्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हो गए हैं. मवेशियों को भी नदी का गंदा पानी पिलाने की मजबूरी बनी हुई है.
रोपनी छोड़ प्रदर्शन करने पहुंचे ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि इस समय धान की रोपनी का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है, लेकिन पानी की समस्या के कारण उन्हें खेती का काम छोड़कर प्रखंड मुख्यालय पहुंचना पड़ा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे. प्रदर्शन में महादेव मांझी, रामटहल मांझी, उग्रमोहन मांझी, महेश मांझी, ऊंची देवी, उजिया देवी, जलसी देवी, पंचलाल मांझी, मंतल मांझी, जयराम मांझी, अंची देवी और सुलोचना देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे.
वोल्टेज की समस्या दूर करने का आश्वासन
इस संबंध में पीएचईडी के कनीय अभियंता सुबोध कुमार ने बताया कि जलापूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण लो वोल्टेज है. उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है और जल्द ही जलापूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा.
