शंभुगंज. मंच पर एक के बाद एक छात्र हिंदी में अपने विचार रख रहे थे. किसी ने हिंदी की महत्ता पर भाषण दिया, तो किसी ने काव्य पाठ के जरिए अपनी भावनाएं सामने रखीं. एंबीशन पब्लिक स्कूल चौतरा का प्रांगण शनिवार को उस समय हिंदी की जीवंत प्रस्तुतियों से गूंज उठा, जब यहां हिंदी पखवाड़ा दिवस समारोह एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. छात्रों की प्रस्तुतियों ने न केवल मौजूद लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि यह भी दिखाया कि स्कूलों में हिंदी को लेकर रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति को मंच दे सकती हैं.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुआ हिंदी पखवाड़ा समारोह
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. माखन प्रसाद शर्मा और स्कूल परिवार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इसके बाद विद्यार्थियों ने हिंदी दिवस के अवसर पर भाषण और काव्य पाठ प्रस्तुत किया.
विद्यालय में प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी भाषण सह काव्य पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गयी. प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी में अपने विचार रखने और मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना रहा. अलग-अलग प्रस्तुतियों के दौरान छात्रों ने भाषा, साहित्य और हिंदी की उपयोगिता से जुड़े विषयों को अपने अंदाज में सामने रखा.
हिंदी की गरिमा से लेकर वैश्विक पहचान तक हुई चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्राचार्य अनुज कुमार सिंह ने हिंदी की गरिमा, वैश्विक स्तर पर हिंदी की पहचान, हिंदी भाषा के माध्यम से साहित्य के विकास और आधुनिक दौर में हिंदी के विस्तार जैसे विषयों पर अपने विचार रखे.
उन्होंने विद्यार्थियों के बीच हिंदी के प्रति सम्मान और भाषा के महत्व को रेखांकित किया. कार्यक्रम में हिंदी को केवल पढ़ाई का विषय नहीं, बल्कि विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने के माध्यम के रूप में भी सामने रखा गया.
मुख्य अतिथि डॉ. माखन शर्मा ने कहा कि हिंदी सिर्फ हमारी भाषा नहीं, बल्कि हमारी आत्मा की आवाज है. उनके संबोधन ने विद्यार्थियों को हिंदी के साथ अपने जुड़ाव को समझने का संदेश दिया.
निदेशक बोले हिंदी कराती है अपनत्व का बोध
विद्यालय के निदेशक कौशल कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी ऐसी भाषा है, जो अपनत्व का बोध कराती है. यह लोगों को एकता के सूत्र में बांधने वाली भाषा है. उन्होंने कहा कि हिंदी केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी बोली जाती है.
ऐसे आयोजनों का एक अहम पहलू यह भी है कि विद्यार्थियों को किताब और कक्षा से बाहर निकलकर अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने का अवसर मिलता है. भाषण और काव्य पाठ जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों में मंच पर बोलने, अपनी बात व्यवस्थित तरीके से रखने और रचनात्मक अभिव्यक्ति विकसित करने में मदद करती हैं.
इन विद्यार्थियों ने प्रस्तुति से बनाई पहचान
प्रतियोगिता में बेहतर प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों का चयन तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल ने किया. इसमें विद्यालय के हिंदी शिक्षक अशोक यादव, मुख्य अतिथि डॉ. माखन शर्मा और रूपेश कुमार शामिल थे.
प्रतियोगिता के दौरान कई विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. इनमें आर्यन कुमार, राजनंदनी, साक्षी कुमारी, सोनाक्षी, निकिता, देवराज, ईशानवी, वंशिका, प्रतिष्ठा और कनिष्क सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल रहे.
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया. सम्मान का यह क्षण विद्यार्थियों के लिए खास रहा, क्योंकि मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने के बाद उन्हें उनके प्रदर्शन के लिए सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित किया गया.
शिक्षकों और स्कूल परिवार की रही सक्रिय भागीदारी
समारोह का संचालन समीर सिंह राठौड़ ने किया. कार्यक्रम में शिक्षक ऋषिकेश कुमार, रजनीश कुमार, रीना कुमारी, प्रेरणा, नेहा कुमारी, आशुतोष कुमार, रिमझिम, मानसी, आत्मानंद सिंह, सुशांत, अभिनव कुमार, मयंक, गौतम कुमार सहित अन्य शिक्षक और स्कूल परिवार के सदस्य मौजूद रहे.
हिंदी पखवाड़ा के इस आयोजन ने शंभुगंज के एंबीशन पब्लिक स्कूल चौतरा में विद्यार्थियों को अपनी भाषा और साहित्य से जुड़ने के साथ-साथ अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर दिया. भाषण, काव्य पाठ और सम्मान समारोह के जरिए कार्यक्रम में हिंदी के प्रति विद्यार्थियों की रुचि और रचनात्मकता को सामने लाने पर जोर रहा.
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