बाराहाट (बांका ) से अजय कुमार झा की रिपोर्ट:
प्रखंड क्षेत्र के प्रोन्नत मध्य विद्यालय खड़िहारा उर्दू में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया. संगोष्ठी का विषय “बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण” था.कार्यक्रम के तहत वर्ग शिक्षकों ने अपने-अपने वर्ग के विद्यार्थियों के अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर बच्चों के मानसिक एवं भावनात्मक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया.इसके बाद प्रधानाध्यापक उमाकांत कुमार के नेतृत्व में अभिभावकों एवं शिक्षकों की सामूहिक बैठक आयोजित की गई. कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई. अपने संबोधन में प्रधानाध्यापक ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों पर बढ़ते शैक्षणिक एवं सामाजिक दबाव के कारण उनके मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ प्रतिदिन 10 से 15 मिनट संवाद स्थापित करने, उनकी भावनाओं को समझने तथा सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण प्रदान करने का आग्रह किया.उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है. बैठक में बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने, तनाव कम करने, डिजिटल उपकरणों के संतुलित उपयोग तथा खेल-कूद एवं रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया.साथ ही ग्रीष्मावकाश के दौरान बच्चों को दिए गए गृहकार्य को पूरा कराने तथा उनकी डायरी का नियमित अवलोकन करने की अपील की गई.इस अवसर पर अभिभावकों ने भी अपने विचार साझा किए तथा बच्चों की शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न प्रश्नों पर चर्चा की. कार्यक्रम में “पेरेंट्स ऑफ द मंथ” के रूप में बीबी सकलेन सुल्तान तथा “स्टूडेंट ऑफ द मंथ” के रूप में बाल संसद की प्रधानमंत्री कनीज फातमा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.संगोष्ठी के अंत में सभी अभिभावकों ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण के प्रति जागरूक रहने तथा विद्यालय के साथ मिलकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया.कार्यक्रम के सफल आयोजन में वर्ग शिक्षक इनाम हसन, रूपा कुमारी, निभा कुमारी, प्रतिभा कुमारी, मनीष कुमार भगत, हीरालाल ठाकुर, सुबहान अंसारी, मनजीत कुमार, मसीरा खातून, तलत परवीन, पीयूष कुमार यादव, सुमन कुमार, आकाश कुमार मंडल तथा तालिमी मरकज हसन रजा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बैठक में 150 से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया. कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.
