Banka Rain Alert : सोमवार को बांका में सुबह से तेज धूप खिली रही और बीच-बीच में बादलों की आवाजाही भी हुई, लेकिन बारिश नहीं होने से उमस और बढ़ गई. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सुस्ती अस्थायी है और अगले कुछ दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है.
दिन भर चिपचिपी गर्मी ने बढ़ाई परेशानी
सोमवार को जिले में उच्चतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हवा में नमी अधिक रहने से पूरे दिन चिपचिपी गर्मी बनी रही. बाजारों, दफ्तरों और ग्रामीण इलाकों में लोग पसीने और बेचैनी से परेशान दिखे. धूप तेज होने के बावजूद वातावरण में भारी उमस बनी रहने से राहत महसूस नहीं हुई.
किसानों की बढ़ी चिंता, रोपनी पर खतरे के संकेत
बारिश में लगातार हो रही देरी का असर खेतों पर भी दिखने लगा है. धान की रोपनी वाले क्षेत्रों में मिट्टी की नमी तेजी से घट रही है और किसानों को सिंचाई के लिए पंपसेट का सहारा लेना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की रोपनी प्रभावित हो सकती है और लागत बढ़ने की आशंका है.
29 जुलाई तक मौसम बदलेगा, बारिश और आंधी के आसार
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग के मध्यम अवधि पूर्वानुमान के अनुसार 29 जुलाई तक बांका सहित दक्षिण बिहार के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल सकता है. इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. पूर्वी दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है.
वज्रपात से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है. फिलहाल बांका की निगाहें मानसून की अगली बारिश पर टिकी हैं, जिससे उमस से राहत और खेती दोनों को संजीवनी मिल सके.
