Shravani Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में सुल्तानगंज से बाबाधाम तक शिवभक्ति के अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं. शनिवार को कोलकाता से पहुंचे 16 कांवरियों का दल करीब 80 किलो वजनी आकर्षक कांवर लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर रवाना हुआ. उनकी अनोखी कांवर पूरे कांवरिया पथ पर आकर्षण का केंद्र बनी रही.
80 किलो की कांवर बनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
श्रावणी मेला में शनिवार को कोलकाता के युवा कांवरिया ग्रुप के 16 सदस्य अपनी विशेष और करीब 80 किलो वजनी कांवर के साथ सुल्तानगंज से बाबाधाम की यात्रा पर निकले. कांवर का वजन और उसकी भव्य सजावट देखकर रास्ते भर श्रद्धालु रुक-रुककर उसे निहारते रहे. कई लोगों ने इस अनोखी कांवर के साथ तस्वीरें भी लीं.
पीतल के कलशों में भरा है पवित्र गंगाजल
कांवर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. इसके दोनों ओर बड़े पीतल के कलश लगाए गए हैं, जिनमें उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल भरा गया है. भारी कांवर होने के बावजूद सभी 16 शिवभक्त बारी-बारी से उसे अपने कंधों पर उठाकर पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ यात्रा पूरी कर रहे हैं.
बाबा वैद्यनाथ से करेंगे देश की खुशहाली की प्रार्थना
कांवरिया दल के सदस्यों ने बताया कि बाबाधाम पहुंचकर वे बाबा वैद्यनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे. साथ ही संपूर्ण पश्चिम बंगाल और पूरे भारत में सुख, शांति, समृद्धि तथा खुशहाली की कामना करेंगे.
थकान नहीं, चेहरे पर दिखी अटूट आस्था
करीब 80 किलो वजनी कांवर के साथ लंबी पैदल यात्रा के बावजूद शिवभक्तों के चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा और उत्साह दिखाई दे रहा था. पूरे मार्ग पर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच यह दल लगातार बाबाधाम की ओर बढ़ता रहा.
श्रावणी मेले की बढ़ी भव्यता
श्रावणी मेला में हर वर्ष अलग-अलग राज्यों से शिवभक्त अपनी अनूठी कांवर और विशेष श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं. इस बार कोलकाता के इस कांवरिया दल की 80 किलो वजनी कांवर ने श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण पैदा कर मेले की भव्यता को और बढ़ा दिया.
