कटोरिया व्यापार मंडल चुनाव : तीन अभ्यर्थियों ने वापस लिया नामांकन, कोरम टूटने से चुनाव स्थगित होने की नौबत
Vyapar Mandal Election : व्यापार मंडल चुनाव में उस समय नया मोड़ आ गया जब तीन अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया. इससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गया और कोरम टूटने की स्थिति उत्पन्न हो गई. अब चुनाव प्रक्रिया के स्थगित होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे उम्मीदवारों और मतदाताओं के बीच चर्चा तेज हो गयी है.
कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Banka News : कटोरिया व्यापार मंडल सहयोग समिति चुनाव में पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे राजनीतिक शह-मात के खेल ने चुनावी प्रक्रिया को ही प्रभावित कर दिया है. गुरुवार को सदस्य पद के तीन उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद निर्धारित कोरम पूरा नहीं रह गया. चुनावी नियमों के अनुसार आवश्यक संख्या में सदस्य अभ्यर्थी नहीं होने के कारण अब चुनाव प्रक्रिया स्थगित होने की स्थिति बन गई है. इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है.
तीन अभ्यर्थियों ने लिया नामांकन वापस
गुरुवार को प्रखंड कार्यालय में सदस्य पद के तीन अभ्यर्थियों ने निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ देवाशीष कुमार के समक्ष अपना नामांकन वापस ले लिया. नामांकन वापस लेने वालों में अनिल गुप्ता, दिवाकर कुमार और रूक्मिणी देवी शामिल हैं. इन तीनों के नामांकन वापस लेने के बाद चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए. इससे पहले चुनाव को लेकर विभिन्न खेमों के बीच लगातार रणनीति बनाई जा रही थी, लेकिन इस कदम ने पूरी प्रक्रिया को नई दिशा दे दी.
पहले ही छह नामांकन हो चुके थे खारिज
व्यापार मंडल चुनाव में सदस्य पद के लिए कुल 12 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया था. नामांकन पत्रों की संवीक्षा के दौरान छह उम्मीदवारों के आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए थे. अस्वीकृत अभ्यर्थियों में अशोक प्रसाद यादव, गोपाल यादव, गुड्डु यादव, नीतू रविदास, गनौरी यादव और मनोरमा देवी शामिल थे. इसके बाद केवल छह उम्मीदवार मैदान में बचे थे, जिससे चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई थी.
कोरम पूरा नहीं होने से फंसी चुनावी प्रक्रिया
व्यापार मंडल चुनाव के नियमों के अनुसार कुल 12 सदस्य पदों के लिए कम से कम 50 प्रतिशत यानी छह सदस्यों का होना आवश्यक है. संवीक्षा के बाद छह उम्मीदवार शेष बचे थे, लेकिन तीन अभ्यर्थियों द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद यह संख्या घटकर तीन रह गई. ऐसे में निर्धारित कोरम पूरा नहीं हो पा रहा है. नियमों के अनुसार कोरम के अभाव में चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाना संभव नहीं होगा, जिससे चुनाव स्थगित होने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है.
अध्यक्ष पद पर पहले ही बदल चुके थे समीकरण
व्यापार मंडल चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए दो उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था. इनमें बालकृष्ण यादव और अमित कुमार शामिल थे. संवीक्षा के दौरान समर्थक की पहचान और हस्ताक्षर सत्यापन में त्रुटि पाए जाने के कारण अमित कुमार का नामांकन पत्र अस्वीकृत कर दिया गया था. इसके बाद बालकृष्ण यादव अकेले उम्मीदवार के रूप में मैदान में बचे थे और उनका निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा था.
निर्विरोध निर्वाचन रोकने की चर्चा तेज
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि सदस्य पद के अभ्यर्थियों द्वारा नामांकन वापस लेने का निर्णय एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन की संभावना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया. हालांकि इस संबंध में किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पूरे घटनाक्रम को लेकर बाजार से लेकर गांव तक चर्चाओं का दौर जारी है.
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना पूरा मामला
कटोरिया व्यापार मंडल चुनाव का यह घटनाक्रम अब क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है. चुनावी प्रक्रिया के बीच अचानक बदले समीकरणों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. अब सभी की नजर निर्वाचन पदाधिकारी के अगले निर्णय पर टिकी हुई है. यदि कोरम पूरा नहीं होता है तो चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर आगे की कार्रवाई निर्वाचन नियमों के अनुसार की जाएगी. इससे व्यापार मंडल के गठन की प्रक्रिया भी फिलहाल अधर में लटकती नजर आ रही है.