Shravani Mela Rain : श्रावणी मेले के चौथे दिन रविवार दोपहर हुई झमाझम मुसलाधार बारिश ने कांवरिया पथ का पूरा माहौल भक्तिमय और खुशनुमा बना दिया. सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर बाबाधाम की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों के चेहरे बारिश की फुहार पड़ते ही खिल उठे. सुहाने मौसम और ठंडी हवाओं ने लंबी पैदल यात्रा की थकान कम कर दी. कई कांवरिये बारिश में झूमते, नाचते और 'बोल बम' के जयकारे लगाते हुए बाबा बैद्यनाथ की नगरी की ओर बढ़ते दिखाई दिए.
जयघोष से गूंज उठा पूरा कांवरिया पथ
बारिश के बीच भी कांवरिया पथ पर शिवभक्ति का उत्साह चरम पर रहा. 'हर-हर महादेव', 'बोल बम' और 'बोलबम का नारा है, बाबा एक सहारा है' जैसे जयघोष लगातार गूंजते रहे. केसरिया वस्त्रों में सजे शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ अपनी यात्रा जारी रखते रहे. बारिश की बूंदों से भीगा कांवरिया पथ और श्रद्धालुओं की लंबी कतार ने मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया.
जिलेबिया मोड़ से इनारावरण जंगल तक दिखा अद्भुत नजारा
कांवरिया पथ के जिलेबिया मोड़, अबरखा की चढ़ाई, तरपतिया, दरभाषण नदी पुल, इनारावरण जंगल और गोडियारी नदी क्षेत्र में बारिश के दौरान श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ी रास्ते, वर्षा की फुहार और केसरिया वस्त्रधारी कांवरियों का दृश्य श्रावणी मेले की भव्यता को और आकर्षक बना रहा था.
बारिश का आनंद लेते हुए आगे बढ़ते रहे श्रद्धालु
कुछ कांवरिये प्लास्टिक और बरसाती ओढ़कर यात्रा करते रहे, जबकि कई श्रद्धालु पूरी तरह भीगने के बावजूद उत्साह के साथ 'बोल बम' का जयघोष करते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहे. उनके चेहरों पर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन की खुशी और अटूट आस्था साफ झलक रही थी.
धर्मशालाओं और सेवा शिविरों में मिला सहारा
तेज बारिश के दौरान अनेक कांवरियों ने सरकारी एवं निजी धर्मशालाओं, टेंट सिटी, सेवा शिविरों और दुकानों में कुछ समय के लिए विश्राम किया. बारिश थमते ही श्रद्धालु फिर कांवर उठाकर बाबाधाम की ओर रवाना हो गए. रविवार की यह बारिश श्रावणी मेले की रौनक में चार चांद लगा गई और पूरे कांवरिया पथ को शिवभक्ति, प्रकृति और आस्था के अद्भुत संगम में बदल दिया.
