होलिका दहन के दिन लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, कई ग्रहों का दुर्लभ संयोग

जिलेभर के विभिन्न बाजारों में होली पर्व को लेकर रंगों की दुकानें सजने लगी हैं. शहर से लेकर गांव तक की दुकानों में विभिन्न प्रकार के रंग व अबीर का रेंज लग चुका है.

होली के रंग में रंगने लगे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के मार्केट, खरीदारी ने पकड़ी रफ्तार

हर्बल अबीर व पिचकारियाें की दुकान से पटा बजार, रेडिमेड कपड़े की बिक्री हुई तेज

चंदन कुमार, बांका. जिलेभर के विभिन्न बाजारों में होली पर्व को लेकर रंगों की दुकानें सजने लगी हैं. शहर से लेकर गांव तक की दुकानों में विभिन्न प्रकार के रंग व अबीर का रेंज लग चुका है. वहीं शहर के शिवाजी चौक, गांधी चौक, अलीगंज रोड में बने अस्थायी दुकानों में रंग बिरंगी पिचकारी और मुखौटे बिकने लगे हैं, जो बच्चों को आकर्षित कर रहा है. इस साल होली में हर्बल अबीर की डिमांड कुछ अधिक ही देखने को मिल रही है. यही कारण है कि दुकानदार इस साल हर्बल अबीर का स्टॉक करके रखे हुए हैं. मालूम हो कि होली के त्योहार में अब आठ दिन शेष रह गये हैं, जिसे लेकर लोगों ने खरीदारी शुरू कर दी है. दुकानों में बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाले रंग-बिरंगे मास्क सज चुके हैं. छोटा भीम, एवेंजर, स्पाइडर मैन, हल्क और घोस्ट, बार्बी डॉल्स, मोनो फिश, आयरन मैन, बैटमैन, रोबोट, कैप्टन अमेरिका वाले मास्क मुख्य हैं. इसकी कीमत 40 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक है. इसके अलावे बाजार में कलरफुल फॉग भी मिल रहा है. इसमें एक या दो रंगों में नहीं, बल्कि पूरे सात रंगों के साथ एक साथ उड़ता है. युवाओं में इस कलरफुल फॉग की काफी डिमांड है. सूखी होली खेलने वालों के लिए विशेष तौर पर मंगवाये गये हैं. रंग व अबीर के थौक बिक्रेता सुनील कुमार ने बताया कि बाजार में स्नो स्प्रे व कलर क्लाउड भी बेहद खास है. 250 एमएल व 350 एमएल का स्नो स्प्रे है, जिसकी कीमत 100-350 रुपये तक है. जबकि, कलर क्लाउड की कीमत 2000 से 2500 रुपये है. उन्होंने बताया कि कलर मैजिक माइटी, बैग पिचकारी, रंग बिरंगे नकली बाल, डिजनाइनर और चमक दमक से भरी टोपियां, पीठ पर टांगने वाला रंगों से भरा बैग, तरह- तरह के बैलून आदि मौजूद है.

बच्चों को आकर्षित कर रहीं नयी तरह की पिचकारियां

बाजार में व्यवसायियों ने इस बार बच्चों को आकर्षित करने के लिए नये तरह के पिचकारियाें को उतारा है. जिसमें त्रिशूल के आकार पिचकारी, बीन, एयर प्रेसर, टैंक, पाइप, मोटू-पतलू और पिचकू बैलून को लाया है. शहर के शिवाजी चौक, अलीगंज रोड, गांधी चौक, डाक घर के समीप कई दुकान सजी हैं. जहां बच्चे के लिए नये तरह की पिचकारियां उपलब्ध हैं. इन दुकानों पर आर्टिफिशियल बाल-दाढ़ी भी सजाया गया है. बाल एवं दाढ़ी 200 से 500 रुपये तक बिक रही है. इसके अतिरिक्त 40-50 रुपये में मास्क बिक रहा है.

ऑनलाइन शॉपिंग ने पकड़ी रफ्तार

शहर में धूलकण और भीड़ को देखते हुए महिलाएं विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन होली के उत्पादों के लिए बुकिंग करा रही हैं. हालांकि पारंपरिक बाजारों में खरीदारी का अलग ही मजा होता है. इसलिए दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है, लेकिन ऑनलाइन खरीदारी ने भी जोर पकड़ ली है और लोग घर बैठे अपने पसंद की सामान को खरीद रहे हैं.

होलिका दहन का शुभ मुर्हूत व पड़ने वाला ग्रहण

होली का त्योहार नजदीक आते ही लोगों के मन में एक ही सवाल आता है कि आखिर इस साल होलिका दहन दो मार्च को होगा या तीन मार्च को. इस संबंध में बौंसी गुरुधाम के पंडित गोपाल शरण ने बताया कि पंचांग की तिथियों में अंतर और उसी समय पड़ रहे चंद्र ग्रहण की वजह से कई लोगों के मन में संशय बना हुआ है. हर कोई सही तारीख जानकर परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना करना चाहता है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस साल होलिका दहन का शुभ मुहूर्त तीन मार्च की शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. इस दिन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि रहेगी. इस दिन भद्रा का साया होने के कारण होलिका दहन का श्रेष्ठ समय शाम को माना गया है. हालांकि कुछ पंचांगों में दो मार्च को होलिका दहन की बात कही गयी है, लेकिन इस बार भद्रा काल का प्रभाव रहेगा और साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगेगा. जिस कारण इस साल तीन मार्च की शाम को होलिका दहन का शास्त्रीय समय स्वीकार किया गया है. पंडित ने आगे बताया कि फाल्गुन पूर्णिमा के दिन यानी होलिका दहन के दिन साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण भी लगेगा. यह ग्रहण तीन मार्च को दोपहर 3 बजकर 22 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. इस दौरान ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जा रही है.

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By SHUBHASH BAIDYA

SHUBHASH BAIDYA is a contributor at Prabhat Khabar.

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