बांका से सुभाष वैद्य की रिपोर्ट
Banka Weather Update: बांका में मानसून की रफ्तार अभी भी सुस्त बनी हुई है. बारिश की कमी के कारण जिले में चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच लोग बेहाल हैं. हालांकि अब मौसम विभाग ने राहत के संकेत दिए हैं. 4 से 8 जुलाई के बीच जिले में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है.
मौसम विभाग ने बांका के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. ऐसे में लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
फिलहाल गर्मी से राहत नहीं
मानसून की कमजोर सक्रियता का असर बांका में साफ दिखाई दे रहा है. बारिश नहीं होने से तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और हवा में नमी अधिक होने के कारण उमस लोगों को ज्यादा परेशान कर रही है.
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.
30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम गर्म और उमस भरा रहेगा, लेकिन बीच-बीच में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है. गरज-चमक के साथ मौसम अचानक बदल सकता है.
Banka Weather Update: 8 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम
बिहार कृषि विश्वविद्यालय की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग के संयुक्त पूर्वानुमान के अनुसार 4 से 8 जुलाई तक बांका जिले में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा.
इस दौरान जिले के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है.
पूर्वानुमान के मुताबिक अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. सुबह के समय हवा में नमी 70 से 75 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है, जबकि दोपहर में यह घटकर 30 से 40 प्रतिशत रह सकती है. दक्षिण-पूर्व दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.
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किसानों के लिए क्या है सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि संभावित बारिश और आंधी को देखते हुए खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखें ताकि फसलों को नुकसान न हो.
साथ ही गरज-चमक और तेज हवा के दौरान खेतों में काम करने से बचें. मौसम पूरी तरह साफ होने के बाद ही कृषि कार्य करना सुरक्षित रहेगा.
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