Banka News: बांका जिले में रविवार दोपहर हुई तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने चार परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी. सदर थाना क्षेत्र के खावा, लीलावरण और गोलाहू बहियार में अलग-अलग स्थानों पर गिरे वज्रपात की चपेट में आकर एक महिला, एक पुरुष, एक किसान और 5 वर्षीय मासूम बच्चे सहित कुल चार लोगों की मौत हो गई. सबसे दर्दनाक घटना खावा गांव में हुई, जहां खेत में काम कर रहे पिता के लिए खाना लेकर पहुंचे मासूम बेटे की उसी पल मौत हो गई, जब वह अपने पिता को घर लौटने के लिए कह रहा था. कुछ ही सेकंड में आकाशीय बिजली ने पिता-पुत्र दोनों को छीन लिया.
यह घटना केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की उस सच्चाई को भी सामने लाती है, जहां किसान बारिश के मौसम में खेतों में काम करने को मजबूर रहते हैं. अचानक बदले मौसम और तेज गर्जन के बीच खेतों में काम कर रहे लोग सबसे अधिक जोखिम में होते हैं. रविवार की इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है और कई गांवों में लोग दहशत में हैं.
खावा बहियार में पिता-पुत्र की एक साथ मौत
खावा गांव निवासी 35 वर्षीय ब्रह्मदेव यादव अपने खेत में रोपनी शुरू होने से पहले कृषि उपकरण ‘आर’ को दुरुस्त कर रहे थे. दोपहर के समय उनका 5 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार खाना लेकर खेत पर पहुंचा.
परिजनों के अनुसार, अचानक तेज बारिश शुरू हो गई. प्रिंस ने अपने पिता से घर चलने का आग्रह किया, लेकिन वे खेत का काम समेटने में लगे रहे. तभी तेज गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरी और पिता-पुत्र दोनों उसकी चपेट में आ गए.
आसपास के खेतों में मौजूद किसानों ने शोर सुनकर दोनों को उठाया और तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सक डॉ उसमान गनी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार
सदर अस्पताल पहुंचते ही परिजनों का दर्द फूट पड़ा. पत्नी रेखा देवी पति और बेटे के शव से लिपटकर रोती रहीं. बताया गया कि प्रिंस कुमार परिवार का इकलौता पुत्र था.
गांव में इस घटना के बाद शोक और सन्नाटा दोनों का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही पलों में पूरा परिवार उजड़ गया.
लीलावरण में धान रोपनी के दौरान महिला की गई जान
दूसरी घटना सदर प्रखंड के लीलावरण बहियार में हुई. यहां खेत में धान की रोपनी कर रही 30 वर्षीय सरिता देवी, पत्नी प्रकाश यादव, अचानक वज्रपात की चपेट में आ गईं.
परिजन और स्थानीय लोग उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. महिला की मौत के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है.
गोलाहू के हरिपुर बहियार में किसान की मौत
तीसरी घटना गोलाहू गांव के समीप हरिपुर बहियार में हुई. यहां खेत में आर-कुदाल का काम कर रहे 35 वर्षीय विनोद यादव पर आकाशीय बिजली गिर गई.
ग्रामीण उन्हें भी अस्पताल ले गए, लेकिन उनकी भी जान नहीं बच सकी. लगातार तीन अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है.
प्रशासनिक कार्रवाई और राहत प्रक्रिया
घटनाओं की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अंचलाधिकारी प्रत्यक्ष कुमार और सदर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने परिजनों से जानकारी ली.
चारों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया. प्रशासन ने प्राकृतिक आपदा से हुई इन मौतों से संबंधित सरकारी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
मानसून में बढ़ा वज्रपात का खतरा
रविवार की घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि मानसून के दौरान खेतों, खुले बहियार, पेड़ों के नीचे और खुले स्थानों पर काम करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, तेज गर्जन, बिजली चमकने और मौसम अचानक बदलने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए. खेतों में धातु के उपकरणों के साथ काम करने से भी बचना चाहिए.
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