सब्र का बांध टूटा: सरकारी आश्वासनों से ऊबे ग्रामीणों ने खुद उठाई कुदाल, श्रमदान से चमका रहे गांव की राह

Banka Rural Road : वर्षों तक सड़क निर्माण की मांग करते-करते जब उम्मीद टूट गई, तो ग्रामीणों ने सरकार का इंतजार छोड़ खुद फावड़ा और जेसीबी संभाल लिया. कटोरिया के बड़वासिनी–सोहड़ातरी मार्ग पर शुरू हुआ श्रमदान अब इलाके में मिसाल बन रहा है.

कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट

Banka Rural Road : बांका जिले के कटोरिया प्रखंड की बड़वासिनी पंचायत में सरकारी उदासीनता के बीच ग्रामीणों ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है. वर्षों से जर्जर पड़ी बड़वासिनी से सोहड़ातरी गांव तक जाने वाली सड़क का निर्माण नहीं होने से परेशान लोगों ने अब श्रमदान अभियान शुरू कर दिया है. ग्रामीणों के सहयोग से जेसीबी मशीन लगाकर सड़क का समतलीकरण कराया जा रहा है, ताकि बरसात के मौसम में भी आवागमन सुगम हो सके. इस पहल से करीब 80 से 100 परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

सालों की मांग के बाद भी नहीं बनी सड़क

ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए कई वर्षों से सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन दिए गए. जनप्रतिनिधियों से कई बार मुलाकात कर समस्या बताई गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला. सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों का भरोसा टूट गया और उन्होंने स्वयं सड़क को दुरुस्त करने का निर्णय लिया.

बरसात में बन जाती थी परेशानी की वजह

बड़वासिनी से सोहड़ातरी तक जाने वाला यह मार्ग गांव की जीवनरेखा माना जाता है. बरसात के दिनों में सड़क कीचड़ और जलजमाव से पूरी तरह खराब हो जाती थी. इससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों के स्कूल जाने और किसानों को खेतों तक आने-जाने में भारी दिक्कत होती थी. कई लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली ने वर्षों से गांव की रफ्तार रोक रखी थी.

श्रमदान से बदल रही गांव की तस्वीर

ग्रामीणों ने सामूहिक सहयोग से सड़क को आवागमन योग्य बनाने का अभियान शुरू किया है. जेसीबी मशीन से सड़क का समतलीकरण कराया जा रहा है, जबकि गांव के लोग श्रमदान कर कार्य में सहयोग दे रहे हैं. लोगों का कहना है कि अब केवल सरकारी मदद का इंतजार करने के बजाय सामूहिक प्रयास से गांव की समस्याओं का समाधान किया जाएगा.

जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल

Banka Rural Road : श्रमदान अभियान में पंचायत के मुखिया अमलेश कुमार, सरपंच गणेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. सभी ने सड़क निर्माण को जनभागीदारी का उदाहरण बताते हुए इसे आगे भी जारी रखने की बात कही. ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनके इस प्रयास से प्रशासन का भी ध्यान इस सड़क की ओर जाएगा और भविष्य में इसका स्थायी निर्माण कराया जाएगा.

ALSO READ: बांका में 8 जुलाई को लगेगा रोजगार शिविर, 55 पदों पर होगी भर्ती

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pintu Pranav

प्रभात खबर में कंटेंट राइटर, जिन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 5 साल से ज़्यादा का अनुभव है. न्यूज़ राइटिंग, कंटेंट क्रिएशन, कॉपी एडिटिंग, हेडलाइन राइटिंग और फ़ैक्ट-चेकिंग में अनुभवी. कृषि, वन और पर्यावरण, शिक्षा, राजनीति, टेलीकम्युनिकेशन, धर्म और आध्यात्मिक मामले, सामाजिक मुद्दे, NGO और संस्थान, सरकारी कामकाज और समसामयिक मामलों जैसे कई विषयों पर काम किया है. संपादकीय मानकों और न्यूज़रूम की कार्यक्षमता को बनाए रखते हुए सटीक, प्रभावशाली और पाठकों पर केंद्रित पत्रकारिता करने के लिए प्रतिबद्ध है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >