बांका के पैक्स में करीब 1 करोड़ रुपये के धान घोटाले का आरोप, 11 लोगों पर FIR की अनुशंसा

Banka PDS Scam: बांका जिले के रजौन प्रखंड स्थित भवानीपुर-कठौन पैक्स में धान खरीद में बड़ा घोटाला सामने आया है. 99.69 लाख रुपये के गबन और अनियमितता के आरोप में 11 लोगों पर FIR की अनुशंसा की गई है. यह मामला धान खरीद प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

Banka PDS Scam: बांका/रजौन. बांका जिले के रजौन प्रखंड स्थित भवानीपुर-कठौन पैक्स में धान अधिप्राप्ति को लेकर बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है. विभागीय जांच में करीब 99.69 लाख रुपये के कथित गबन और रिकॉर्ड में भारी अनियमितता मिलने के बाद तत्कालीन पैक्स अध्यक्ष, प्रबंधक और प्रबंधकारिणी समिति के नौ सदस्यों समेत 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की गई है. मामले ने जिले की सहकारिता व्यवस्था और धान खरीद प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

विभागीय जांच में खुली बड़ी गड़बड़ी

मामला वर्ष 2025-26 की धान अधिप्राप्ति से जुड़ा है. प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी ने रजौन थाना में दिए आवेदन में बताया है कि भवानीपुर-कठौन पैक्स ने 101 किसानों से 5,744.81 क्विंटल धान खरीदा था.

रिकॉर्ड के अनुसार 1,160 क्विंटल चावल बिहार राज्य खाद्य निगम, बांका को उपलब्ध कराया गया, जबकि 1,693.22 क्विंटल धान राइस मिल भेजा गया. इसके बाद अभिलेखों के मुताबिक 4,051.59 क्विंटल धान पैक्स गोदाम में सुरक्षित होना चाहिए था.

लेकिन जब विभागीय टीम जांच के लिए पहुंची तो गोदाम बंद मिला. रिकॉर्ड का मिलान करने पर वहां दर्ज मात्रा का धान नहीं मिला. प्रथम दृष्टया इसे 99 लाख 69 हजार 506 रुपये के गबन का मामला माना गया.

11 लोगों को बनाया गया आरोपी

जिला सहकारिता पदाधिकारी के निर्देश पर रजौन थाना में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया गया है. इसमें तत्कालीन पैक्स अध्यक्ष प्रियेश कुमार सिंह, प्रबंधक रूपेश कुमार राणा तथा प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य सावित्री देवी, उषा देवी, दुलारी देवी, अनिल हरिजन, प्रदीप यादव, कपिलदेव यादव, गुलजारी लाल मांझी, वर्षा भारती और दिवाकर लाल को आरोपी बनाया गया है.

अब पुलिस विभागीय आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

ऑफलाइन खरीद, ऑनलाइन एंट्री और चेक बाउंस का भी आरोप

जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2025-26 के दौरान कथित तौर पर ऑफलाइन धान खरीदकर उसे ऑनलाइन पंजीकृत किसानों के नाम पर दिखाया गया, जिससे 92,216.88 रुपये की हेराफेरी हुई.

इस मामले में पहले भी पैक्स अध्यक्ष प्रियेश कुमार सिंह के खिलाफ वरीय सहकारिता पदाधिकारी स्वयं चक्रपाणि कनिष्क द्वारा मामला दर्ज कराया जा चुका है.

किसान की शिकायत से खुला मामला

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब लीलातरी गांव के किसान दिनेश साह ने सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई.

जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा शिकायत की जांच में पाया गया कि दिनेश साह से ऑफलाइन धान खरीदकर ऑनलाइन रिकॉर्ड में किसी पंजीकृत किसान के नाम 38.52 क्विंटल धान खरीद दर्शा दी गई.

आरोप है कि भुगतान के लिए पैक्स अध्यक्ष ने 15 मई 2026 को यूको बैंक का 84,744 रुपये का चेक जारी किया, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया. इसके बाद विभाग ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू की.

Banka PDS Scam: पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

रजौन थाना अध्यक्ष महेश कुमार ने बताया कि सहकारिता विभाग से आवेदन प्राप्त हुआ है. आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

यह मामला सामने आने के बाद जिले में धान खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और पैक्स की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. अब सभी की नजर पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई पर टिकी है.

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