बांका मंडी पर बढ़ा परिवहन लागत का बोझ: विक्रमशिला सेतु ध्वस्त होने से मुंगेर होकर आ रहा माल

बांका मंडी में माल ढुलाई की लागत बढ़ने से व्यापारी और आम उपभोक्ता परेशान हैं. विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण माल मुंगेर होकर आ रहा है, जिससे परिवहन खर्च में वृद्धि हुई है. यह स्थिति खेती-किसानी और रसोई पर भी भारी पड़ रही है.

बांका से मदन कुमार की रिपोर्ट

Bank Mandi Rates: बांका की मुख्य कृषि और व्यावसायिक मंडी में इन दिनों माल ढुलाई में भारी परिवहन लागत का असर देखा जा रहा है. दरअसल, बांका मंडी में खाद्यान्न सहित अन्य जरूरी सामानों की आवक पूर्णिया के गुलाबबाग और कोलकाता की बड़ी मंडियों से होती है. दो महीने पहले तक पूर्णिया से आने वाले मालवाहक वाहन भागलपुर के विक्रमशिला सेतु होकर सीधे बांका पहुंचते थे, लेकिन पुल के क्षतिग्रस्त और ध्वस्त होने के बाद अब गाड़ियों को मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है.

ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई व्यापारियों की परेशानी

दूरी बढ़ने और ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह से थोक विक्रेताओं से लेकर खुदरा व्यापारियों तक को माल ढुलाई का अधिक भाड़ा चुकाना पड़ रहा है. इस बढ़ी हुई लागत का सीधा आर्थिक बोझ स्थानीय व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है. हालांकि, बुधवार को मंडी में गेहूं, चावल, दाल और सरसों की आवक सामान्य रही, जिससे अधिकांश जिंसों के थोक भाव फिलहाल स्थिर बने रहे, लेकिन आलू और प्याज के दामों में रोजाना उतार-चढ़ाव जारी है.

आज का बांका मंडी भाव (प्रति क्विंटल/टीन)

शहर की व्यावसायिक मंडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न खाद्यान्नों और तेलहन की न्यूनतम और उच्चतम दरें (रुपये में) इस प्रकार दर्ज की गईं:

खाद्यान्न/जिंस का नामन्यूनतम भाव (₹)उच्चतम भाव (₹)
गेहूं26002650
मक्का21002150
चावल मंसूरी32503400
चावल अरवा मोटा31003250
चावल बासमती1250013500
दाल मसूर60006550
मूंग दाल95409600
अरहर दाल1150015000
गोटा चना62006400
गोटा मूंग85009000
पीला सरसों73007550
सरसों तेल (प्रति 15 लीटर)20702470
आलू12001450
प्याज18001900

Bank Mandi Rates: खेती-किसानी और रसोई पर सीधा असर

समानों की आवक और लागत की इस विसंगति का सीधा असर जिले की खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है. दलहन, तेलहन और मसालों की दरों में आ रही तेजी ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि वर्तमान में गोदामों में पुराना स्टॉक होने के कारण अनाज की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन यदि यही स्थिति रही और ट्रांसपोर्टिंग का खर्च कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सभी आवश्यक खाद्य सामग्रियों की कीमतों में भारी उछाल आना तय है.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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