बांका की पूजा भारती बनीं अंतरराष्ट्रीय मंच की स्टार, अबू धाबी में मिला Best Women’s Award 2026

बौसी की पूजा भारती ने अबू धाबी में 'बेस्ट वुमन अवॉर्ड 2026' जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है. एक साधारण पृष्ठभूमि से आकर अपनी प्रतिभा, ज्ञान और नेतृत्व क्षमता से उन्होंने जजों को प्रभावित किया.

Banka News: बिहार के बांका जिले के छोटे से कस्बे बौसी की एक बेटी ने वह कर दिखाया है, जिसकी चर्चा अब स्थानीय गलियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक हो रही है. नगर पंचायत के अचारज मोहल्ला निवासी पूजा भारती ने अबू धाबी में आयोजित प्रतिष्ठित इंडिया वर्नर क्वीन्स कॉन्टेस्ट में ‘Best Women’s Award 2026’ जीतकर भारत, बिहार और मंदार क्षेत्र का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन कर दिया है. यह सम्मान उन्हें अबू धाबी की प्रिंसेस के हाथों प्रदान किया गया. प्रतियोगिता में कई देशों से आए प्रतिभागियों के बीच पूजा ने अपने ज्ञान, व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास से निर्णायकों को प्रभावित किया.

पूजा की इस उपलब्धि के बाद बौसी और पूरे बांका जिले में खुशी का माहौल है. स्थानीय लोग इसे केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि बिहार की बेटियों की क्षमता और संभावनाओं की पहचान मान रहे हैं. उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों और कस्बों से निकली प्रतिभाएं भी दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं.

छोटी शुरुआत, बड़ा सपना

पूजा भारती नगर पंचायत बौसी के अचारज मोहल्ला निवासी ओम प्रकाश साह और अनीता प्रकाश की छोटी पुत्री हैं. उनकी प्रारंभिक शिक्षा अद्वैत मिशन, बौसी के सरस्वती शिशु मंदिर से हुई. साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली पूजा ने शुरुआती दिनों से ही पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया.

मैट्रिक के बाद उन्होंने कोलकाता जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त की. वहां उन्होंने टूर एंड ट्रैवल्स विषय में डबल एमबीए किया. इसके साथ ही डेस्टिनी इंफोर्ड में फ्रेंच, अंग्रेजी, बॉडी लैंग्वेज और अन्य पेशेवर कौशलों का प्रशिक्षण लिया, जिसमें उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल किया. यही प्रशिक्षण आगे चलकर उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की मजबूत नींव बना.

अपनी कंपनी खड़ी की, दुनिया को करीब से जाना

उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद पूजा ने कोलकाता में ‘पूहो ट्रेवल्स मैनेजमेंट’ नाम से अपनी कंपनी स्थापित की. आज उनकी कंपनी एक साथ लगभग 250 पर्यटकों के विदेश भ्रमण की संपूर्ण व्यवस्था करने में सक्षम है.

व्यवसाय के सिलसिले में उन्हें यूरोप, अफ्रीका, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम, लीबिया, कतर, दुबई और अबू धाबी सहित कई देशों की यात्रा करने का अवसर मिला. इन अनुभवों ने उनके वैश्विक दृष्टिकोण, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता को और मजबूत किया.

अबू धाबी में कैसे मिली यह बड़ी सफलता

अबू धाबी में आयोजित इंडिया वर्नर क्वीन्स कॉन्टेस्ट केवल सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, नेतृत्व, ज्ञान और अंतरराष्ट्रीय समझ का मंच था. हजारों प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाली अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के दौरान विभिन्न गतिविधियों और कई देशों से जुड़े प्रश्नों के त्वरित और सटीक उत्तर देकर पूजा ने निर्णायकों को प्रभावित किया.

उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, आत्मविश्वास और वैश्विक दृष्टिकोण को देखते हुए उन्हें ‘Best Women’s Award 2026’ प्रदान किया गया. प्रतियोगिता में द्वितीय और तृतीय पुरस्कार भारतीय पुरुष प्रतिभागियों को मिला, जबकि महिलाओं की श्रेणी में सर्वोच्च सम्मान पूजा भारती के नाम रहा.

पुरस्कार में मिला खास सम्मान

इस उपलब्धि के साथ पूजा को स्वर्ण निर्मित बुर्ज खलीफा की स्मृति-प्रतिमा भेंट की गई. इसके अलावा उन्हें परिवार सहित एक सप्ताह के दुबई भ्रमण का विशेष पैकेज भी पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया गया. यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गया है.

सफलता का श्रेय परिवार और मेहनत को

पूजा भारती ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत, माता-पिता के संस्कार और ईश्वर के आशीर्वाद को दिया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है. उनका मानना है कि यदि किसी लक्ष्य के लिए निरंतर मेहनत की जाए, तो दुनिया का कोई भी मंच दूर नहीं रहता.

उन्होंने कहा कि उनकी यह उपलब्धि देश की बेटियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी और उन्हें यह विश्वास देगी कि सीमित संसाधन कभी भी बड़े सपनों की राह नहीं रोक सकते.

Banka News: बौसी और मंदार क्षेत्र के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि

पूजा की सफलता के बाद नगर पंचायत, सामाजिक संगठनों और जिले के कई गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने मंदार क्षेत्र की बेटियों के लिए नई मिसाल कायम की है. छोटे कस्बे से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सर्वोच्च महिला सम्मान हासिल करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है.

यह उपलब्धि उन परिवारों के लिए भी प्रेरणा है जो अपनी बेटियों की शिक्षा और करियर को लेकर संकोच करते हैं. पूजा भारती की कहानी बताती है कि सही शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर वैश्विक पहचान हासिल की जा सकती है.

पूजा भारती अब अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से युवा महिलाओं को कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण और वैश्विक अवसरों के प्रति जागरूक करने की दिशा में काम करना चाहती हैं. उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि बिहार की बेटियां अब केवल सपने नहीं देख रहीं, बल्कि उन्हें दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर साकार भी कर रही हैं.

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लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार पाठक प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बौंसी (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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