बांका के अमरपुर बाजार में मजदूरों की हड़ताल से माल उतारने का काम ठप, 20 साल बाद मजदूरी बढ़ाने की मांग तेज

अमरपुर में माल उतारने वाले मजदूरों ने 20 साल बाद मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की, जिससे बाजार में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ है.

Banka News: बांका जिले के अमरपुर बाजार में शनिवार से ट्रकों और मालवाहक वाहनों से सीमेंट, आलू और अन्य सामान उतारने वाले कामगार मजदूरों ने मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी. हड़ताल के कारण बाजार में कई ट्रकों से माल की अनलोडिंग प्रभावित हो गई और व्यापारियों तथा ट्रांसपोर्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

मजदूरों का कहना है कि उन्हें पिछले करीब 20 वर्षों से प्रति बोरा सामान उतारने के बदले केवल 3 रुपये मजदूरी मिल रही है. लगातार बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के बावजूद मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं होने से उनका परिवार चलाना मुश्किल हो गया है.

20 साल से नहीं बढ़ी मजदूरी

हड़ताल में शामिल अशोक दास, वशिष्ठ यादव, विजय ततवा, बिहारी यादव, टुनटुन तांती, संजय यादव और रोहित रजक सहित अन्य मजदूरों ने बताया कि स्थानीय बाजार में उन्हें वर्षों से प्रति बोरा केवल 3 रुपये दिए जाते हैं.

उनका कहना है कि आसपास के अन्य शहरों और कस्बों में इसी प्रकार के काम के लिए 5 रुपये प्रति बोरा तक मजदूरी मिलती है, जबकि अमरपुर में दर अब भी पुरानी बनी हुई है.

महंगाई से बिगड़ी आर्थिक स्थिति

मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच 3 रुपये प्रति बोरा की मजदूरी से परिवार का खर्च चलाना बेहद कठिन हो गया है. उन्होंने कहा कि सीमित आय के कारण वे अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाने और बेहतर जीवन देने में भी सक्षम नहीं हैं.

उनके अनुसार लंबे समय से स्थानीय थोक दुकानदारों से मजदूरी बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई.

मजदूरों की क्या है मांग

हड़ताली मजदूरों ने स्थानीय होलसेल व्यापारियों से प्रति बोरा मजदूरी 4 रुपये करने और माल अनलोडिंग के दौरान 1 रुपये प्रति बोरा अतिरिक्त बख्शीश देने की मांग की है.

मजदूरों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

Banka News: व्यापार और परिवहन व्यवस्था पर असर

हड़ताल के कारण अमरपुर बाजार में सीमेंट, आलू और अन्य सामान से लदे कई ट्रक और मालवाहक वाहन खड़े रहे. माल उतारने का काम रुकने से व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान और संचालन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो बाजार में आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है.

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लेखक के बारे में

By प्रीतम कुमार

प्रीतम कुमार प्रिंट माध्यम में 12 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं. अमरपुर (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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