धोरैया व अमरपुर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को मिली कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति
Banka News : बांका जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. बिहार सरकार ने धोरैया और अमरपुर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां प्रदान कर दी हैं. इससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है.
धोरैया (बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट
Banka News : जिला पदाधिकारी बांका की अनुशंसा पर बिहार सरकार ने बांका अनुमंडल के दो प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां सौंप दी हैं. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत यह अधिकार प्रदान किए गए हैं. सरकार के इस निर्णय से कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है.
धोरैया और अमरपुर के अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
सरकारी आदेश के अनुसार धोरैया के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मदन मोहन और अमरपुर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी रविन्द्र कुमार शर्मा को कार्यपालक दंडाधिकारी के रूप में शक्तियां प्रदान की गई हैं. अब दोनों अधिकारी अपने-अपने प्रखंड क्षेत्रों में कार्यपालक दंडाधिकारी के रूप में प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे.
बीएनएसएस 2023 के तहत मिला अधिकार
सरकार द्वारा जारी आदेश में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा-14 के तहत कार्यपालक दंडाधिकारी की पूर्ण शक्तियां प्रदान की गई हैं. इसके अलावा धारा-163 के अंतर्गत संबंधित अनुमंडल क्षेत्र में विशेष शक्तियां भी सौंपी गई हैं.इन अधिकारों के माध्यम से अधिकारी स्थानीय प्रशासनिक और विधि-व्यवस्था से जुड़े मामलों में आवश्यक निर्णय ले सकेंगे.
आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था होगी मजबूत
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस निर्णय का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है. आपदा प्रबंधन, शांति व्यवस्था बनाए रखने और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई में कार्यपालक दंडाधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है.अब प्रखंड स्तर पर कई मामलों में निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम लोगों को भी त्वरित प्रशासनिक सेवाओं का लाभ मिल सकेगा.
सरकारी आदेश के तहत हुई नियुक्ति
यह नियुक्ति बिहार सरकार के आदेश संख्या-12/शक्ति प्र.-3201/2026, सा.प्र.-8861 दिनांक 19 मई 2026 के तहत की गई है. आदेश के प्रभावी होने के साथ ही दोनों अधिकारियों को संबंधित शक्तियां और दायित्व प्राप्त हो गए हैं.
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में आयेगी तेजी
जिले के प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इस निर्णय से बांका जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी. स्थानीय स्तर पर त्वरित निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी और विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में भी गति आएगी.