प्रतिनिधि, बाराहाटएक तरफ सरकार बिचौलिया राज खत्म करने को लेकर नित्य नये-नये नियम बना रही है. इसके लिए हर दूसरे तीसरे दिन किसी न किसी सरकारी अनुदान को सीधे तौर पर लाभुक को उनके बैंक खातों पर देने की बात कही जाती है. इसके लिए बाकायदा सरकारी तंत्र जरूरत मंद को बैंक से जुड़ने के लिए हर एक प्रयास कर रही है, लेकिन सरकार के आदेश का क्या वो आदेश ऊपर ही ऊपर हवा हो जा रही है. प्रखंड के बैंकों में कार्यरत कर्मी सरकार और यहां के गरीब की रोज दुश्वारियां बढ़ा रहे हैं. क्षेत्र के खड़हरा स्थित बैंक ऑफ इंडिया का हाल सबसे बुरा है. यहां हर काम बिना बिचौलिया के नहीं होता. बैंक में इन दिनों बिना काम के कई चेहरे घंटों बैंक कर्मी के साथ गप-शप करते नजर आ रहे हैं.लगता है सुरक्षा में सेंधबैंक कार्य के लिए रोजाना सैकड़ों ग्राहक बैंक ऑफ इंडिया खड़हरा का रुख करते हैं. कभी-कभी जमा निकासी को लेकर ग्राहक बैंक के अंदर काफी असहज महसूस करते हैं. ग्राहकों की मानें, तो बैंक कार्य अवधी में कई ऐसे अवांछित लोगों का बैंक के विभिन्न काउंटर पर अकारण जमघट लगा रहता है, जो बैंक की गोपनीयता को भंग करते है, जिससे कभी-कभी ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे समय में बैंक में तैनात सुरक्षा कर्मी मूक दर्शक बने रहते हैं.स्थानीय लोगों में गुस्साबैंक कार्य प्रणाली से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है. बैंक से जुड़े कई गरीब परिवार के लोग रंटू पासवान, बिरन पासवान, मुकेश सिंह, कुंदन कुमार, नागेश्वर दास ने बताया की बैंकों में काम कम शरारती ज्यादा हो रही है. अगर समय रहते सुधार नहीं हो सका तो गरीब जनता का गुस्सा फूट पड़ेगा.
बैंकों में बिचौलिया तंत्र हावी
प्रतिनिधि, बाराहाटएक तरफ सरकार बिचौलिया राज खत्म करने को लेकर नित्य नये-नये नियम बना रही है. इसके लिए हर दूसरे तीसरे दिन किसी न किसी सरकारी अनुदान को सीधे तौर पर लाभुक को उनके बैंक खातों पर देने की बात कही जाती है. इसके लिए बाकायदा सरकारी तंत्र जरूरत मंद को बैंक से जुड़ने के […]
