Aurangabad News : जिला विधिज्ञ संघ में शुक्रवार को दिवंगत अधिवक्ता संतोष कुमार स्नेही की पुण्यतिथि मनायी गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष विजय कुमार पांडेय ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत अधिवक्ता संतोष कुमार स्नेही के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर की गयी. उपस्थित अधिवक्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया.
मृदुभाषी और व्यवहार कुशल अधिवक्ता के रूप में बनायी थी पहचान
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने दिवंगत अधिवक्ता संतोष कुमार स्नेही के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया. उन्होंने कहा कि संतोष कुमार स्नेही मृदुभाषी और व्यवहार कुशल अधिवक्ता थे. उन्हें दीवानी मामलों में विशेष रुचि थी. वकालत के क्षेत्र में महज पांच वर्ष के अल्पकाल में ही वर्ष 2014 में उनका आकस्मिक निधन हो गया. उनके असामयिक निधन को अधिवक्ता समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया. वक्ताओं ने कहा कि कम समय में ही उन्होंने अपने व्यवहार और कार्यशैली से अधिवक्ता समाज में अलग पहचान बना ली थी.
पैसे कमाने से अधिक कानूनी किताबों के अध्ययन पर दें ध्यान
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने युवा अधिवक्ताओं को वकालत के मूल सिद्धांतों और पेशे की गरिमा के प्रति सजग रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि युवा अधिवक्ताओं को वकालत के शुरुआती दौर में पैसे कमाने से अधिक कानूनी किताबों के अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए. वादों में रुचि लेकर तथ्यों और कानून का गहन अध्ययन करते हुए प्रभावी ढंग से पक्ष रखने का जुनून होना चाहिए. वक्ताओं ने कहा कि वकालत के शुरुआती वर्ष संघर्षपूर्ण होते हैं. ऐसे में इस दौरान किसी भी गलत रास्ते का चयन नहीं करना चाहिए.
धैर्य, ईमानदारी और साहस से वकालत में बनाएं पहचान
वक्ताओं ने कहा कि वकालत के पेशे में सफलता के लिए धैर्य, ईमानदारी और साहस जरूरी है. युवा अधिवक्ताओं को लगातार कानून का अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान और अनुभव को बढ़ाना चाहिए. मेहनत और ईमानदार प्रयास के बल पर ही अधिवक्ता लंबे समय तक अपनी पहचान कायम रख सकते हैं. उन्होंने कहा कि दिवंगत अधिवक्ता संतोष कुमार स्नेही के जीवन और कार्यशैली से युवा अधिवक्ताओं को प्रेरणा लेने की जरूरत है.
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बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा में महासचिव जगनारायण सिंह, पूर्व लोक अभियोजक प्रमोद कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष रसिक बिहारी सिंह, पूर्व सचिव नागेंद्र सिंह, स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता, वरीय अधिवक्ता तिलक यादव, दयानंद शर्मा, अवध किशोर पांडेय, अशोक कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, नृपेश्वर नारायण सिंह देव, प्रमोद कुमार सिंह, रामानुज शर्मा, विश्वेश्वर नाथ मिश्र, चंद्रेश तिवारी मोहन, हेमंत कुमार पांडेय, अखिलेश कुमार सिन्हा, अंजनी सिंह सरोज, अमरेंद्र नारायण सिंह, राजेश्वर पासवान, सीडी पासवान, यमुना प्रसाद सिंह, संतोष कुमार सिंह, काली प्रसाद, सुरेंद्र कुमार शर्मा, राजेश कुमार, विजय कुमार, राजकुमार सिंह, उमेश कुमार, नीरज कुमार श्रीवास्तव, अमित कुमार, कमलेश कुमार, सुभाष सिन्हा, राघवेंद्र तिवारी, रणविजय सिंह, मुकेश कुमार, चंद्रकांता कुमारी, मनोज मिश्र, श्रीनाथ, धर्मराज राम, अनिल सिन्हा, विनय कुमार श्रीवास्तव, जय नंदन सिंह, सत्येंद्र कुमार, मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे.
