आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने आयोजित किया कार्यक्रम
भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं समाजसेवी सावित्रीबाई फुले की मनायी गयी जयंतीदाउदनगर. आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा पुराना शहर वार्ड संख्या पांच महात्मा फुले नगर (माली टोला) में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं समाजसेवी माता सावित्रीबाई फुले की जयंती समारोह मनायी गयी. समारोह के मुख्य अतिथि ओबरा विधायक डॉ प्रकाश चंद्र का अभिनंदन भी किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. माता सावित्रीबाई फुले की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया गया. मौके पर पूर्व उप मुख्य पार्षद कौशलेंद्र कुमार सिंह, वार्ड पार्षद राधा रमन पुरी, सोनी देवी, रीमा देवी, भूपेंद्र कुमार मिश्रा, पूर्व पार्षद रवींद्र प्रसाद गुप्ता, जदयू नगर अध्यक्ष प्रशांत कुमार तांती, सत्येंद्र कुमार, मुन्ना कुमार, कमाल खान आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे. आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा स्वागत गान गाया गया. माला और अंग वस्त्र देकर विधायक को सम्मानित किया गया. अंबुज ट्रस्ट के सचिव अजय कुमार पांडेय ने मेमेंटो और स्वामी विवेकानंद की तस्वीर लेकर विधायक को सम्मानित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ड पांच के पार्षद बसंत कुमार ने की.
समाज के लिए हमेशा किया संघर्ष
विधायक डॉ प्रकाश चंद्र ने कहा कि माता सावित्री बाई फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका थीं. विपरीत परिस्थिति में उन्होंने समाज को शिक्षित करने का काम किया. उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और महिलाओं और समाज के लिए संघर्ष करती रहीं. मनुष्य को हमेशा चुनौती पूर्ण कार्य करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों से समाज की दशा बदली है. माता सावित्रीबाई फुले के सपनों को उड़ान मिला. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए नए कदम उठाये. साइकिल योजना, पोशाक योजना चलायी गयी. बच्चियां स्कूल जाने लगीं. जीविका, आजीविका समूह से जुड़र महिलाएं आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनी. आज स्कूलों में अधिक संख्या में महिला शिक्षिकाएं व थानों में महिला सिपाही दिखती हैं. आधी आबादी को अधिकार मिलना शुरू हुआ है. स्कूलों में छात्राओं की उपस्थिति अधिक हुई है. बेटियों को अवसर मिला, तो हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं. अब जरूरत है. थोड़ा और बदलने की. एक तरफ बेटियों को उनका अधिकार दिया गया, पढ़ाई का अवसर दिया गया तो समाज का एक नजरिया और बदलने की जरूरत है कि जिस तरह से हम बेटियों के बारे में सोचते हैं, उसी तरह बहू के बारे में भी सोचने की जरूरत है. नैतिक जिम्मेदारी है कि बेटी की तरह ही बहू के बारे में भी महसूस करें. दहेज का प्रतिकार करें. रिश्ते के लिए लड़की देखने जाते हैं, तो लड़की के गुण को देखिए, उसकी आंखों के सपने को देखने की कोशिश कीजिए. दहेज का पूरी तरह से प्रतिकार कीजिए. उन्होंने आजीविका समूह की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि आप समाज को जागरूक करें कि बेटी और बहू के बीच अंतर को पाटा जाये. अपने बुजुर्गों के प्रति सेवा का भाव रखा जाये. हम समाज को धीरे-धीरे बदलने का प्रयास करें. उन्नत और विकसित भारत सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत होने से नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी समृद्ध होने पर बनेगा.कदम तल से लेकर इमामबाड़ा तक टू लेन बनेगी सड़क
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वार्ड पार्षद ने विधायक का ध्यान पुराना शहर कदम तल से लेकर इमामबाड़ा तक के कच्चे रास्ते की ओर आकृष्ट कराया. विधायक ने तुरंत आरडब्ल्यूडी के पदाधिकारी को फोन लगाया. उन्होंने कहा कि छह महीने के अंदर यह सड़क बनकर तैयार हो जायेगी. उन्होंने कहा कि दाउदनगर-बारुण रोड पर शहीद प्रमोद सिंह चौक से लेकर थाना तक सड़क को टू लेन करने और बीच में डिवाइडर बनाने का प्रस्ताव आरसीडी को दिया गया है. उम्मीद की जानी चाहिए कि छह महीने के अंदर ही यह सड़क बन जाएगी और जब सड़क बन जायेगी, तो नगर पर्षद से स्ट्रीट लाइट लगवाने का प्रयास किया जायेगा.
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