घेउरा गांव में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प, नौ जख्मी

दो दर्जन से अधिक बने नामजद अभियुक्त, दुकान खोलने को लेकर उत्पन्न विवाद में हुई जमकर मारपीट, शराब बेचने का लगा आरोप

मामले में दो दर्जन से अधिक लोग बने नामजद अभियुक्त

दुकान खोलने को लेकर उत्पन्न विवाद में हुई जमकर मारपीट, शराब बेचने का लगा आरोप

कुटुंबा. रिसियप थाना क्षेत्र के घेउरा गांव में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई है. घटना शुक्रवार देर शाम की है. हिंसक झड़प में दोनों ओर से नौ लोग जख्मी हो गये. सभी का उपचार सदर अस्पताल में किया जा रहा है. घायलों में एक पक्ष से कामेश्वर पासवान के पुत्र अमरजीत कुमार पासवान, पत्नी सरस्वती देवी, बेटी तेतरी कुमारी, प्रमोद पासवान के बेटा विपिन कुमार और गोलू कुमार तथा विनोद पासवान की पत्नी संगीता देवी शामिल है. दूसरे पक्ष से योगेंद्र पासवान के पुत्र सनी देओल और बॉबी देओल तथा भाई सत्येंद्र पासवान को गंभीर चोटें आयी है. वैसे दोनों पक्ष के लोगो ने एक दूसरे पर शराब पीने और बेचने का आरोप लगाया है. उक्त मामले दोनों तरफ से थाने में परस्पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है, जिसमें महिला व पुरुष मिलाकर 25 लोग नामजद अभियुक्त बनाये गये है. पहली प्राथमिकी उक्त गांव निवासी सत्येंद्र पासवान के आवेदन पर दर्ज की गयी है. उसने अपने ही गांव के पारविल पासवान, अनिल पासवान, पवन कुमार, विपिन कुमार, प्रमोद कुमार पासवान, अखिलेश पासवान, कामेश्वर पासवान, अमरजीत पासवान, अजीत कुमार, धर्मेंद्र पासवान, प्रदीप कुमार व विनय पासवान को नामजद आरोपित बनाया है. दूसरी प्राथमिकी अमरजीत कुमार पासवान ने दर्ज करायी है. उन्होंने अपने पड़ोस के सत्येंद्र पासवान, योगेंद्र पासवान, तितेरम पासवान, रवींद्र पासवान, बॉबि देवल पासवान, शनि देओल, रवि पासवान, चिंता देवी, विमलेश पासवान, उत्तिमा देवी, नीरज पासवान, राजा पासवान, संगीता देवी व रंजती देवी को आरोपित बनाया गया है. उन्होंने भी मारपीट का कारण गाली गलौज बताया है. इस संबंध में अपर थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आलोक में एफआईआर दर्ज कर सुसंगत धाराओं के तहज कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उन्होने बताया कि घटना में शामिल जख्मी अभियुक्तों का उपचार कराया जा रहा है. वहीं अन्य अभियुक्त घर छोड़कर फरार हो गये है. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.घटना में प्रयुक्त दोनों बाइक पुलिस के कब्जे में है. विदित हो कि आये दिन उक्त गांव शराब को जोन बन गया है. इससे पहले भी शराब के विरुद्ध छापेमारी करने गई पुलिस पर हमला हुआ था. वैसे घटना को लेकर तरह तरह-तरह की चर्चा है.

आरोप प्रत्यारोप का चल रहा है दौर

मारपीट के मामले में दोनों तरफ से प्राथमिक दर्ज करायी गयी है. इसके बावजूद आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. एक पक्ष के अमरजीत कुमार ने बताया कि गांव का ही रहने वाला दिव्यांग युवक मनोज कुमार अपने घर के बाहर ब्रेड पकौड़ा और भभरा का दुकान खोला था. चितरंजन और सत्येंद्र शराब के नशे में धुत होकर वहां पहुंचे और उसे दुकान बंद करने को बोला. इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस बाजी हो गयी. मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ लिया और दोनों एक दूसरे से बढ़ गये. चितरंजन और सत्येंद्र उसके दुकान को उखाड़ने लगे. जब उन्हें रोका गया, तो थोड़ी ही देर में रिश्तेदारों को बुला लिया. दो बाइक पर सवार होकर छह लोग वहां पहुंचे तथा घर में घुसकर मारपीट करना शुरू कर दिया. ग्रामीण बाहर के लोगों को घर में घुसकर मारपीट करते देखा तो उग्र हो गये और पूरे गांव के लोग वहां पहुंच गये. ग्रामीणों ने बाहर से आये लोगों के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया. मामला बढ़ते देख बाहर से मारपीट करने आए लोग बाइक को छोड़कर फरार हो गये.

पकौड़ी दुकान की आड़ में शराब बेचने का आरोप

दूसरे पक्ष के सत्येंद्र का कहना है कि ब्रेडपकोड़ा की आड़ में दिव्यांग मनोज और उसका पिता शराब का धंधा करता है. जब उसे शराब बेचने से मना किया गया तो मारपीट करने पर उतारू हो गया. मारपीट के दौरान दो बाइक पर सवार होकर आए रिश्तेदारों के साथ भी मारपीट की गई और उनका बाइक क्षतिग्रस्त कर पुलिस को दे दिया. घटना की सूचना पर डायल 112 की टीम वहां पहुंची तथा ग्रामीणों को शांत कराया. दोनों बाइक को जब्त कर पुलिस को सौंप दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >