चंदा जुटाकर ग्रामीणों ने बनाया स्कूल जाने का रास्ता

मजबूर होकर गांव के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया और मिट्टी भराई कर रास्ता खुद ही दुरुस्त कर दिया

गोह. हसपुरा प्रखंड के डुमरा गांव के लोगों ने वह कर दिखाया, जो जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग को करना चाहिए था. गांव के मध्य विद्यालय जाने वाला मुख्य रास्ता बरसात में पूरी तरह कीचड़ से भर गया था. नतीजा यह हुआ कि बच्चों और शिक्षकों के लिए रोजाना स्कूल पहुंचना बेहद कठिन हो गया. शिक्षक मजबूर होकर अपनी बाइक नहर पुल पर छोड़कर पैदल स्कूल जाते थे, जबकि छोटे-छोटे बच्चे कीचड़ से सने रास्ते पर फिसलते-गिरते स्कूल पहुंचते थे. ग्रामीणों ने बार-बार इस समस्या की ओर जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया, लेकिन किसी ने भी इस पर गंभीरता नहीं दिखाई. न तो पंचायत स्तर से कोई पहल हुई और न ही विभाग ने समाधान की जहमत उठाई. मजबूर होकर गांव के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया और मिट्टी भराई कर रास्ता खुद ही दुरुस्त कर दिया. ग्रामीणों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधि या विभागीय पदाधिकारी समय रहते ध्यान देते तो उन्हें अपनी गाढ़ी कमाई से चंदा लगाकर यह काम नहीं करना पड़ता. बावजूद इसके गांव के लोगों ने सामूहिक प्रयास से स्कूल जाने का रास्ता सुगम बना दिया. इस कदम की चारों ओर सराहना हो रही है और लोग इसे आत्मनिर्भरता की मिसाल बता रहे हैं.

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By Sujit kumar

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