Aurangabad uttar koyal canal : जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर अर्जुन प्रसाद सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने बुधवार को उत्तर कोयल मुख्य नहर का निरीक्षण किया. टीम में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर संजीव कुमार, वाप्कोस प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सिंह, संबंधित प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता फजल हक एवं कनीय अभियंता शामिल थे. अधिकारियों ने नहर के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर रीमॉडलिंग कार्य और टेस्टिंग की प्रगति का जायजा लिया.
73 किलोमीटर तक पहुंचा नहर में पानी
निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर अर्जुन प्रसाद सिंह ने बताया कि फिलहाल मुख्य नहर और उसकी विभिन्न वितरणियों के तटबंधों तथा संरचनाओं की टेस्टिंग की जा रही है. टेस्टिंग पूरी होने के बाद नहर का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि भीम बराज के जीरो आरडी से 109 किलोमीटर लंबे नहर तंत्र के अंतिम छोर तक तटबंधों की जांच की जानी है. बुधवार शाम तक मुख्य नहर में 73 किलोमीटर तक पानी पहुंच चुका था. वर्तमान में मोहम्मदगंज स्थित भीम बराज में पर्याप्त जल उपलब्ध है. हाल के दिनों में करीब 2600 क्यूसेक अतिरिक्त पानी बराज के डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है, जिससे सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध है.
चार सीआर गेटों का काम अंतिम चरण में
अधिकारियों ने बताया कि 143 आरडी स्थित कुल्हाड़ी उप-वितरणी के क्रॉस रेगुलेटर, 152.50 आरडी के पास महुअरी उप-वितरणी, 168.50 आरडी स्थित बसडीहा वितरणी तथा 235-236 आरडी के बीच कपसिया वितरणी पर मुख्य नहर के सीआर गेट लगाने का कार्य अंतिम चरण में है.
विभाग के अनुसार एक-दो दिनों में चारों सीआर गेटों का कार्य पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद नहर की पूरी क्षमता के अनुरूप नियमित संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा नहीं रहेगी.
जल संरचनाओं का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सीडी सुपर पैसेज वेंट, नहर के तटबंध, हेड रेगुलेटर तथा अन्य जल संरचनाओं का भी निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
किसानों को जल्द मिलेगी सिंचाई सुविधा
गौरतलब है कि उत्तर कोयल सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य में लगी एजेंसी वाप्कोस द्वारा मुख्य नहर के सीआर गेट स्थापित कर दिए गए हैं, लेकिन संचालन प्रणाली पूरी तरह विकसित नहीं होने के कारण नियमित संचालन में विलंब हो रहा है.
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शेष तकनीकी कार्य शीघ्र पूरा कर नहर को पूरी क्षमता के साथ चालू कर दिया जाएगा, जिससे किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी.
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