Aurangabad News : विद्यालय परिसर से निकली तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हुए. बच्चे ड्रम, ताशा, बिगुल और करताल बजाते हुए देशभक्ति के नारे लगाते हुए गांव की गलियों तक पहुंचे. इस दौरान बच्चों में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला. यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों के बीच देशभक्ति के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी पहुंचाया गया.
नशे के खिलाफ जागरूकता का दिया संदेश
तिरंगा यात्रा के दौरान बच्चे हाथों में नशामुक्ति से संबंधित तख्तियां लिए हुए थे. बच्चे नशे के खिलाफ नारे लगाकर ग्रामीणों से इससे दूर रहने का आह्वान कर रहे थे. बच्चों ने लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करते हुए समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की. यात्रा गांव का भ्रमण करने के बाद वापस विद्यालय परिसर पहुंची.
चेतना सत्र को संक्षिप्त कर निकाली गयी यात्रा
विद्यालय की निर्धारित योजना के तहत चेतना सत्र को संक्षिप्त करते हुए तिरंगा यात्रा निकाली गयी. यात्रा में विद्यालय के शिक्षक अमरेंद्र कुमार, मुक्ता सोनी, शशि भूषण चौबे, चंदा सिंह, अपराजिता कुमारी, निकहत जहां, कांति कुमारी, श्रेया श्रीवास्तव एवं प्रियंका मौर्या मौजूद रहीं. शिक्षकों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया और ग्रामीणों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने में सहयोग किया.
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तिरंगा देश की शान और गौरव का प्रतीक : प्रधानाध्यापक
प्रधानाध्यापक डॉ. अशोक कुमार ने तिरंगा यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी के बाद से तिरंगा देश की शान और गौरव का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि तिरंगे के प्रति सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है. उन्होंने कम उम्र के बच्चों में बढ़ती नशे की लत पर चिंता जताते हुए कहा कि नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए परिवार, विद्यालय और समाज को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बच्चों के माध्यम से समाज में सकारात्मक और जागरूकता का संदेश पहुंचाना प्रभावी पहल है.
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