गरीब व कमजोर वर्ग सुरक्षित नहीं : मुनारिक

विभिन्न मांगों को लेकर भाकपा माले ने किया प्रदर्शन, जताया आक्रोश

विभिन्न मांगों को लेकर भाकपा माले ने किया प्रदर्शन, जताया आक्रोश औरंगाबाद शहर. भाकपा माले के कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया. हत्याकांड के विरुद्ध आक्रोश जताया. इसके पूर्व शहर के गांधी मैदान से जिला सचिव मुनारिक राम, पूर्व जिला सचिव जनार्दन प्रसाद, महिला नेत्री अलकारी देवी, रिंकू देवी के नेतृत्व में पैदल मार्च निकाला गया. जो मुख्य बाजार होते हुए समाहरणालय पहुंचा. जिला सचिव ने कहा कि नीतीश-मोदी के डबल इंजन की सरकार में गरीबों को न्याय मिलना मुश्किल हो गया है. 20 वर्षों से नीतीश कुमार की सरकार में पदाधिकारी बेलगाम हो गये हैं. औरंगाबाद जिले की बात की जाय तो पिछले दिनों जिले में कई दर्दनाक घटनाएं हुई परंतु यहां के पुलिस-प्रशासन न्याय देने के बजाय पीड़ित परिवारों पर ही अन्याय करता है. उन्होंने विभिन्न घटनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बरूण के उरदीना निवासी धर्मेंद्र कुमार को शराब बेचने के आरोप में 25 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. 29 अगस्त को पत्नी व परिवार के सदस्य जब जेल में मिलने गये तो मिलने नहीं दिया गया. जेल प्रशासन द्वारा कहा गया कि धर्मेंद्र सो रहा है नहीं मिलेगा. बार-बार आग्रह करने के बावजूद पत्नी को नहीं मिलने दिया गया. इसी बीच दूसरे ही दिन 30 अगस्त को पुलिस द्वारा मोबाइल पर सूचना दी गयी कि धर्मेंद्र की तबीयत खराब है. सदर अस्पताल में आकर मिल लो. आनन-फानन में परिवार के सदस्य सदर अस्पताल पहुंचे तो देखा कि धर्मेंद्र मृत अवस्था में लाश स्ट्रेचर पर पड़ा हुआ है और हाथ में हथकड़ी लगी हुई है. पुलिस के लोग भी वहां नहीं थे. स्वाभाविक था कि परिवार के सदस्यों ने धर्मेंद्र की पुलिस कस्टडी में मौत की जांच व दोषियों पर कार्रवाई के लिए शव को रमेश चौक पर रखकर मांग करने लगे. इसी बीच समझाने-बुझाने के बदले पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कर महिलाओं तक को पीटा गया. उन्होंने एसपी से लाठीचार्ज में शामिल पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की. प्रदर्शन के बाद शिष्टमंडल द्वारा विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम और एसपी को सौंपा गया. मांगों में पुलिस कस्टडी में धर्मेंद्र की मौत मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, उत्पाद विभाग का हाजत व मंडल कारा का सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने, पीड़ित परिवारों पर से झूठे मुकदमे वापस लेने, पीड़ित परिवार को 10 लाख का मुआवजा देने आदि शामिल है. प्रदर्शन में किसान महासभा के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, चंद्रमा पासवान, नवीनगर के प्रभारी वीरेंद्र मेहता, सुनील यादव, गुड्ड़ु चंद्रवंशी, नरेश मेहता, रामविजय यादव, अब्दुल लतीफ, जलील अंसारी, कैलास पासवान, अवधेश गिरी, करमु पासवान, शिवकुमार राम, राजू चंद्रवंशी, कृष्ण सिंह, मो सन्नी अंसारी, अशोक यादव, रमेश पासवान, संजय तेजा, कमलदेव पासवान, नरेश मेहता, तेतरी देवी,शिवकुमारी देवी, मनोरमा देवी आदि शामिल थे.

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