औरंगाबाद ग्रामीण. बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर रेल आंदोलन बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेलवे लाइन संघर्ष समिति के महापद यात्रा का शुभारंभ समाहरणालय से किया गया. यह पदयात्रा 19 जनवरी से 25 जनवरी तक चलेगी और समापन हाजीपुर स्थित रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष होगा. आंदोलन का नेतृत्व बिहटा–अरवल–औरंगाबाद रेल लाइन संघर्ष समिति कर रही है. रेल आंदोलन के मुख्य संयोजक मनोज सिंह यादव ने बताया कि इस रेल लाइन की मांग वर्ष 1980 से लगातार उठायी जा रही है. कई बार सर्वे, धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. समिति का कहना है कि अरवल और औरंगाबाद जैसे जिलों में आज भी रेलवे कनेक्टिविटी का अभाव है, जिससे शिक्षा, रोजगार, व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. खासकर किसान और छात्र वर्ग को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. मुख्य संयोजक ने कहा कि यह पदयात्रा जनजागरण के उद्देश्य से निकाली जा रही है, ताकि सरकार और रेलवे प्रशासन तक आम लोगों की आवाज मजबूती से पहुंचाई जा सके. उन्होंने बताया कि पदयात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों पर जनसभाएं, नुक्कड़ बैठकें और हस्ताक्षर अभियान चलाए जाएंगे. महापदयात्रा में छात्र, किसान, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हुए. आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है, ताकि वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना को धरातल पर उतारा जा सके.
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