पूरे देश को अनाज खिलाने वाले किसान जी रहे फटेहाल जिंदगी

प्रखंड कार्यालय परिसर में मंगलवार को किसानों की समस्याओं को लेकर क्रांतिकारी किसान यूनियन के बैनर तले छह सूत्री मांगों का धरना दिया गया

हसपुरा. प्रखंड कार्यालय परिसर में मंगलवार को किसानों की समस्याओं को लेकर क्रांतिकारी किसान यूनियन के बैनर तले छह सूत्री मांगों का धरना दिया गया. अध्यक्षता मगध महिला प्रकोष्ठ के संयोजक पूर्व मुखिया सह राजद नेत्री सोनम कुशवाहा ने की, जबकि संचालन किसान-मजदूर के संजय श्याम ने किया. क्रांतिकारी किसान यूनियन मगध क्षेत्र की महिला संयोजक सोनम कुशवाहा ने कहा कि आज भी किसान-मजदूर फटेहाल की जिंदगी जीने को मजबूर है. अफसोस तो यह है कि भारत कृषि प्रधान देश है. बावजूद किसानों को फसल का उचित कीमत नहीं मिल रहा है. संजय श्याम, रवींद्र यादव, रामप्रवेश सिंह ने छह मांगों को विस्तार से रखते हुए कहा कि केंद्र की मोदी व बिहार की नीतीश कुमार किसानों का भला नहीं चाहते हैं. सभी जगहों पर खाद-बीज, कीटनाशक दवाइयां ब्लैक दाम पर खुलेआम बिक रहे है और सरकार बहरी बनी हुई है. उन्होंने एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा जो भी नीति बनायी जा रही है उससे अमीरों को फायदा हो रहा रहा है. इन तमाम समस्याओं को लेकर किसानों-मजदूरों को एकता के साथ अधिकार के लिए संघर्ष करना होगा. रवींद्र यादव ने कहा कि किसान मेहनती होता है और पूरे देश को अनाज देता है लेकिन खुद कर्ज में डूबा है. सीपीआइ नेता विजय कुमार, माले नेता दिनेश राम ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार कारपोरेट घराने के चंगुल में फंसी हुई है. किसान-मजदूर साहूकारों व बैंकों के कर्ज में डूबा हुआ है और ऊपर से प्राकृतिक आपदा की मार झेलना पडता है. रोजगार का अभाव है. किसानों-मजदूरों को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा के अलावा अन्य प्रदेशों में पलायन करना पड़ रहा है. सभी फसलों को कानूनी गारंटी देना, मनरेगा के तहत सालों काम देना सहित विभिन्न मांगों का ज्ञापन अधिकारियों को दिया गया. युगेश पासवान, खुर्शीद आलम, ललन ठाकुर, मदन प्रसाद, शिवदत्त प्रसाद, सौरभ आंबेडकर, लालमोहन प्रसाद, मालती देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी आदि लोगों ने विचार व्यक्त किये.

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By SUJIT KUMAR

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