जिला जज ने जेल में स्थापित कानूनी सहायता क्लिनिक के कामकाज का अवलोकन किया

मंडल कारा की स्वच्छता, बंदियों को मिल रहे आहार व भोजन की गुणवत्ता पर दिया निर्देश

मंडल कारा की स्वच्छता, बंदियों को मिल रहे आहार व भोजन की गुणवत्ता पर दिया निर्देश

औरंगाबाद शहर. व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार ने शुक्रवार को मंडल कारा का निरीक्षण किया. जेल के निरीक्षण में जिला जज ने मौजूद बुनियादी व्यवस्थाओं का जायजा लिया. जेलों की स्थिति के संबंध में चिंता को समझने के लिए व बंदियों को विधिक सहायता सेवाओं तक पहुंच और जेल में स्थापित कानूनी सहायता क्लिनिक के कामकाज का अवलोकन किया. इस दौरान उन्होंने बंदियो के साथ संवाद भी की. उनकी चिंता को समझने के लिए व उन्हें कानूनी प्रतिनिधित्व तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिया. बंदियों को मिल रहे आहार, स्वच्छता आदि के संबंध में विशेष निरीक्षण करते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिया. जिला जज के निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव तान्या पटेल और किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी सुशील कुमार मौजूद थे. सचिव द्वारा सभी बंदियों से उनके विधिक प्रतिनिधित्व के लिए अधिवक्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की गयी. जेल निरीक्षण के समय कानूनी सहायता रक्षा प्रणाली के अधिवक्ता जिनमें अभिनन्दन कुमार व चन्दन कुमार भी मौजूद थे. इसके पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार द्वारा बभंडीह स्थित बच्चों के सुरक्षित स्थान का भी निरीक्षण किया गया. उक्त निरीक्षण के कर्म में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव तान्या पटेल और किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी सुशील कुमार मौजूद थे. निरीक्षण के क्रम में सुरक्षित स्थान में आवासित बच्चों से उनकी समस्याओं पर जानकारी प्राप्त की. उनके भोजन, शिक्षण, स्वास्थ्य के संबंध में कई निर्देश दिया.

आवासित बच्चों से की बातचीत

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राज कुमार ने बाल सुधार गृह केेंद्र के निरीक्षण के दौरान आवासित बच्चों से समस्याओं की जानकारी ली. निरीक्षण क्रम में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य व स्वच्छता से संबंधित पूछताछ की. उनसे जुड़ी समस्याओं, शिक्षा एवं खाने-पीने की व्यवस्था से संबंधित जानकारी प्राप्त की. जिला जज ने आवासित बच्चे के कानूनी अधिकार से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए उन्हें उपलब्ध होने वाले विधिक सहायता से संबंधित जरूरी दिशा निर्देश दिया. कमियों को हर समस्याओं को दूर करने के लिए निर्देशित किया एवं बच्चों के रख-रखाव शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता में किसी तरह की कोताही नहीं करने का सख्त निर्देश संबंधित प्रशासन को दिया. साथ ही आस-पास के वातावरण को देखते हुए एवं बारिश के मौसम में पानी जनित मच्छरों एवं रोगों से बच्चों के बचाव की समुचित व्यवस्था यथाशीघ्र करने का निर्देश दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sujit kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >