सिलेंडर गैस विस्फोट में 16 वर्षीय युवक की दिल्ली में मौत, औरंगाबाद में शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम

दिल्ली में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फटने से 16 वर्षीय उज्जवल राज की मौत हो गई. उसका शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया. कम उम्र में परिवार का सहारा बनने वाले उज्जवल की असमय मृत्यु से पूरा गांव गमगीन है.

औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड के अमीलौना पंचायत के गुलजार बिगहा गांव निवासी अर्जुन कुमार के 16 वर्षीय पुत्र उज्जवल राज की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव गांव पहुंचा, तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. उज्जवल की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम पसरा रहा.

एक साल से दिल्ली में कर रहा था मजदूरी

जानकारी के अनुसार उज्जवल राज करीब एक वर्ष से अपने परिवार के साथ नई दिल्ली में रहकर एक निजी कंपनी में मजदूरी करता था. घटना के समय उसके परिवार के अन्य सदस्य गांव आए हुए थे. उज्जवल अपने मामा पलामू निवासी राजेंद्र राम और दोस्त पंकज कुमार के साथ दिल्ली स्थित डेरा पर रह रहा था.

खाना बनाते समय फटा था गैस सिलेंडर

परिजनों के अनुसार, तीन सितंबर को उज्जवल राज अपने मामा राजेंद्र राम और दोस्त पंकज कुमार के साथ खाना बना रहा था. इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर फट गया. हादसे में राजेंद्र राम और पंकज कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि उज्जवल राज गंभीर रूप से घायल हो गया.

सफदरजंग अस्पताल में चल रहा था इलाज

हादसे के बाद आसपास के लोगों ने गंभीर रूप से घायल उज्जवल राज को इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया. यहां उसका इलाज चल रहा था, लेकिन 17 सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव को गांव भेज दिया.

गुलजार बीघा में उज्जवल राज का शव पहुंचने के बाद विलाप करते परिजन

दो भाइयों में बड़ा था उज्जवल

मृतक के चाचा सतीश भारती ने बताया कि उज्जवल एयरपोर्ट, दिल्ली के आसपास मजदूरी का काम करता था. वह दो भाइयों में बड़ा था. उसका छोटा भाई चार वर्षीय अंकित अपने माता-पिता के साथ गांव में रहता है. उज्जवल की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

शव पहुंचते ही मां का रो-रोकर बुरा हाल

शुक्रवार को उज्जवल का शव जैसे ही घर पहुंचा, उसकी मां चिंता देवी दहाड़ मारकर रोने लगीं. रोते-रोते वह जमीन पर गिर पड़ीं. परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था. घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी.

कम उम्र में परिवार का सहारा बना था

ग्रामीणों ने बताया कि उज्जवल ने कम उम्र में ही परिवार का सहारा बनने के लिए मजदूरी शुरू कर दी थी. वह मेहनती और होनहार युवक था. उसकी असमय मौत से परिवार के साथ गांव के लोग भी काफी दुखी हैं.

आर्थिक सहायता की मांग

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय मुखिया दिनेश राम, पंचायत समिति सदस्य मुकेश सिंह, ग्रामीण राजेश कुमार, गौतम मोहन राम, नाथ राम, बृजमोहन समेत कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. मुखिया दिनेश राम ने निजी कंपनी के मालिक से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की. साथ ही स्थानीय प्रशासन से भी सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की गयी.

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By ब्रजेश द्विवेदी

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