Aurangabad News : दाउदनगर में शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति की बैठक सोमवार को प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) परिसर के बाहर आयोजित की गई. बैठक में शिक्षकों की कालबद्ध प्रोन्नति और नई शिक्षक स्थानांतरण (रैशनलाइजेशन) नीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. शिक्षकों ने दोनों मुद्दों पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की.
प्रोन्नति में देरी पर जताई नाराजगी
बैठक में बताया गया कि कालबद्ध प्रोन्नति से संबंधित कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है. कई पंचायतों से अब तक प्रोन्नति संबंधी फाइलें जमा नहीं होने के कारण वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा नहीं हो पा रहा है. समिति ने निर्णय लिया कि सोमवार शाम 4:30 बजे प्रखंड विकास पदाधिकारी से मिलकर अविलंब कार्रवाई की मांग की जाएगी.
स्थानांतरण नीति पर उठाए सवाल
प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत कुमार सिंह ने वर्तमान स्थानांतरण नीति को ऐच्छिक नहीं बल्कि जबरन स्थानांतरण की नीति बताया. उन्होंने कहा कि सरकार को पहले शिक्षकों को समयबद्ध प्रोन्नति देनी चाहिए, उसके बाद ही स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए. उनका कहना था कि इससे विद्यालयों में शिक्षकों के सरप्लस की समस्या स्वतः कम हो जाएगी.
नीति के विरोध का ऐलान
बैठक में नई शिक्षा नीति के प्रावधानों का हवाला देते हुए प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई. शिक्षकों ने नई स्थानांतरण एवं रैशनलाइजेशन नीति को शिक्षक-विरोधी बताते हुए इसका लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से सदन और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय तक विरोध करने का निर्णय लिया.
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत कुमार सिंह, दीपक कुमार, पप्पू कुमार, सच्चिदानंद सिंह, संतोष कुमार, संजय कुमार, पिंटू कुमार, शशिकांत कुमार, इंद्रजीत कुमार, रवि कुमार, रवि रंजन कुमार, सुभाष कुमार, अरुण कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित थे.
