Aurangabad News: औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड की सूही पंचायत के वार्ड संख्या आठ में पिछले दो सप्ताह से नल-जल योजना बंद रहने के कारण पेयजल संकट गहरा गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के बिजली मीटर का रिचार्ज समाप्त होने के बावजूद लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने अब तक इसे रिचार्ज नहीं कराया है. इसके चलते पूरी योजना ठप पड़ी है और लोगों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
एक निजी चापाकल पर निर्भर हुए 50 परिवार
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार गर्मी और कम वर्षा के कारण क्षेत्र का भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है. अधिकांश कुएं सूख चुके हैं और कई सरकारी चापाकल भी पानी देना बंद कर चुके हैं. ऐसे में पूरे वार्ड के करीब 50 परिवार पूर्व पंचायत समिति सदस्य नीकू देवी के घर स्थित निजी चापाकल से पानी लेने को मजबूर हैं.
पानी भरने के लिए घंटों लग रही कतार
ग्रामीण विनय कुमार सिंह, शिवनाथ साव, अर्जुन पासवान और ललता शर्मा ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक महिलाएं, पुरुष और बच्चे बाल्टी, डिब्बा और अन्य बर्तन लेकर अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं. पीने, खाना बनाने, स्नान और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए इसी एक चापाकल पर निर्भरता होने से कई बार आपाधापी की स्थिति भी बन जाती है.
बिजली मीटर रिचार्ज नहीं होने से बंद है योजना
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर बिजली मीटर का रिचार्ज करा दिया जाता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती. उन्होंने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से अविलंब मीटर रिचार्ज कराकर नल-जल योजना को दोबारा चालू कराने की मांग की है.
एक दर्जन से अधिक गांवों में भी प्रभावित है योजना
ग्रामीणों के अनुसार कुटुंबा प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों में नल-जल योजना प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो रही है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है.
