औरंगाबाद: दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में शुरू हुई डायलिसिस यूनिट, डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

अनुमंडलीय अस्पताल दाउदनगर में मुख्यमंत्री ने नए डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन किया, जिससे किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। उद्घाटन के बाद डीएम ने अस्पताल का निरीक्षण कर कई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।

Aurangabad News: अनुमंडलीय अस्पताल दाउदनगर में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना सिटी स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अस्पताल में स्थापित नए डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन किया. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी मौजूद रहे. अस्पताल परिसर में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने फीता काटकर उद्घाटन की औपचारिकता पूरी की.

करीब 35 लाख रुपये की लागत से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत अपोलो डायग्नोस्टिक के सहयोग से स्थापित इस डायलिसिस यूनिट से अब दाउदनगर अनुमंडल एवं आसपास के क्षेत्रों के किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी. अब मरीजों को डायलिसिस के लिए पटना, गया या औरंगाबाद नहीं जाना पड़ेगा. स्थानीय स्तर पर ही यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेंगे. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इसका विशेष लाभ मिलेगा.

डीएम ने अस्पताल का किया निरीक्षण, मॉड्यूलर ओटी में मिलीं कमियां

उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर में कई तकनीकी और व्यवस्थागत कमियां पाई गईं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया, ताकि ऑपरेशन थियेटर जल्द पूरी क्षमता के साथ संचालित हो सके.

ओपीडी रोस्टर पर जताई नाराजगी, सिविल सर्जन को दिए जांच के निर्देश

निरीक्षण के दौरान डीएम ने ओपीडी का भी जायजा लिया. यहां चिकित्सकों का सप्ताहवार रोस्टर ड्यूटी चार्ट निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शित नहीं मिला. इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सिविल सर्जन को मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

पोस्टमार्टम हाउस, हाई मास्ट लाइट और सड़क निर्माण के दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने पोस्टमार्टम हाउस के निर्माण के लिए शीघ्र उपयुक्त भूमि चिन्हित करने का निर्देश एसडीओ को दिया. साथ ही अस्पताल परिसर में हाई मास्ट लाइट लगाने, आंतरिक सड़क निर्माण और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगले एक महीने के भीतर सभी कार्यों की प्रगति धरातल पर दिखाई देनी चाहिए.

डीएम ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए. स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा.

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर एसडीओ अमित राजन, सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, डीपीएम अनवर आलम, डीपीसी नागेंद्र केशरी, प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शांता कुमारी, स्वास्थ्य प्रबंधक ठाकुर चंदन सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष दीपक पटेल, भाजपा नगर अध्यक्ष श्याम पाठक, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि प्रशांत कुमार तांती, जदयू नेता पप्पू गुप्ता, हसपुरा उप प्रमुख सत्येंद्र चौधरी, नगर परिषद की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य डॉ. केदारनाथ सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे.

डायलिसिस यूनिट शुरू होने से क्षेत्र के हजारों मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है. वहीं अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन के उन निर्देशों के क्रियान्वयन पर टिकी हैं, जिनके तहत अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने की पहल की गई है.

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Author: Om Prakash

Published by: Vivek Ranjan

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