30 सितंबर तक होगा विशेष गहन पुनरीक्षण, घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे बीएलओ

समाहरणालय में डीएम ने किया प्रेस कॉन्फ्रेस, कहा सभी पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल हो

समाहरणालय में डीएम ने किया प्रेस कॉन्फ्रेस, कहा सभी पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल हो औरंगाबाद शहर. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पूरे राज्य के साथ जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कराया जायेगा. 30 सितंबर तक पुनरीक्षण का कार्य चलेगा. शनिवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल हो, ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें. कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो और मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे. बताया कि बिहार में पिछला गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 में किया गया था. वर्तमान में तेजी से हो रहे शहरीकरण, लगातार होने वाले प्रवासन, नए युवाओं का 18 वर्ष की आयु पूरी कर मतदाता बनने की पात्रता प्राप्त करना, मृत्यु की जानकारी का समय पर न मिलना तथा अवैध विदेशी नागरिकों के नाम सूची में दर्ज हो जाना जैसी स्थितियों के कारण यह गहन पुनरीक्षण आवश्यक हो गया है ताकि त्रुटिरहित और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार की जा सके. इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे. डीएम ने बताया कि विशेष गहण पुनरीक्षण का कार्यक्रम 25 जून से शुरू हो गया है और 30 सितंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो जायेगा. इस दौरान बीएलओ प्रत्येक घर जाकर पहले से भरे हुए एन्यूमरेशन फॉर्म दो प्रतियों में वितरित करेंगे और उन्हें भरने में मतदाताओं का मार्गदर्शन करेंगे. बीएलओ कम से कम तीन बार जाकर फॉर्म संग्रह करने का प्रयास करेंगे. इच्छुक मतदाता प्रीफिल्ड एन्यूमरेशन फॉर्म को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं तथा भरा हुआ फॉर्म और दस्तावेज भी ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं. हर मतदाता को यह फॉर्म आवश्यक जानकारी व स्वप्रमाणित दस्तावेजों के साथ भरकर बीएलओ को देना होगा. बीएलओ द्वारा फॉर्म जमा करने के बाद एक प्रति अपने पास रखी जाएगी और दूसरी प्रति पर स्वीकृति की रसीद देकर वह मतदाता को लौटा दी जाएगी. यदि कोई मतदाता समय पर एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं कर पता है तो वह दावा आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म 6 और घोषणा पत्र के साथ नाम जोड़ने हेतु आवेदन कर सकता है. यदि ईआरओ एवं एईआरओ ने जांच कर यह पाया कि प्रारूप सूची में शामिल कोई नाम मतदाता बनने के योग्य नहीं है तो वह नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जायेगा. मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी मो गजाली, डीपीआरओ रत्ना प्रियदर्शी आदि उपस्थित थे.

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By Sudhir kumar singh

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