Sone River Water Level Rising (बारूण से राजू रंजन की रिपोर्ट): इंद्रपुरी बराज से पानी छोड़े जाने और सोन नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है. जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी को देखते हुए दाउदनगर से लेकर बारुण तक स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में है. प्रशासन की ओर से सोन तटीय और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जा रहा है. साथ ही नदी किनारे नहीं जाने और दियारा में खेती या अन्य कार्य के लिए गये लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर लौटने की अपील की गयी है.
करीब 4.59 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना
सूत्रों के अनुसार, सोन नदी में करीब 4 लाख 59 हजार 211 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. वहीं बारुण क्षेत्र में करीब 4 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी मिली है. ऊपरी इलाकों से पानी की भारी आवक के कारण आने वाले घंटों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है.
बढ़ते जलस्तर का असर सोनतटीय क्षेत्रों में भी दिखने लगा है. सोनतराई क्षेत्र में लगी सब्जियों की फसल पानी में डूब गयी है. इससे किसानों को नुकसान होने की आशंका है.
दाउदनगर के घाटों पर भी बढ़ा पानी
दाउदनगर शहर के सोन पुल घाट और काली घाट की ओर सोन नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है. पानी बढ़ने के कारण घाटों के आसपास रहने वाले लोगों और नदी किनारे जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है.
दाउदनगर के सीओ सतीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन सोन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाये हुए है. फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए तटीय इलाकों के लोगों को सतर्क और जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने लोगों से किसी भी परिस्थिति में नदी के किनारे नहीं जाने की अपील की.
नदी के बीच या तटीय क्षेत्र में नहीं जाने की अपील
एसडीओ अमित राजन ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है. नदी की धारा नासरीगंज की ओर है और जलस्तर का लेवल भी सामान्य बताया गया है. इसके बावजूद एहतियात के तौर पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
उन्होंने सोन नदी के बीच अथवा तटीय क्षेत्र में खेती या किसी अन्य कार्य के लिए नहीं जाने की अपील की. साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा.
बारुण में दियारा से लौटने का निर्देश
बारुण के अंचलाधिकारी नारायण राय ने नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय और दियारा क्षेत्र के ग्रामीणों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि जो किसान या मजदूर सोन नदी में खेती अथवा अन्य कार्य के लिए गये हैं, वे तत्काल सुरक्षित स्थानों पर लौट आएं. सीओ ने लोगों से नदी किनारे नहीं जाने तथा बच्चों और मवेशियों को भी तटीय इलाकों की ओर नहीं जाने देने की अपील की है.
संवेदनशील गांवों में माइकिंग, आपदा प्रबंधन टीम तैयार
सीओ नारायण राय ने बताया कि प्रशासन की ओर से नदी से सटे निचले और संवेदनशील गांवों में लगातार प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है. लाउडस्पीकर के माध्यम से माइकिंग कराकर ग्रामीणों तक समय पर चेतावनी पहुंचायी जा रही है.
प्रशासन की पूरी टीम स्थिति पर नजर रखे हुए है. जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों को भी तैयार रहने का निर्देश दिया गया है. तटीय इलाकों के लोगों से किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या अंचल कार्यालय से संपर्क करने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गयी है.
