औरंगाबाद में आद्रा नक्षत्र पर सोखा बाबा मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, बिहार-झारखंड से पहुंचे हजारों भक्त

Sokha Baba Temple: औरंगाबाद के नवीनगर स्थित प्रसिद्ध सोखा बाबा मंदिर में आद्रा नक्षत्र के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से पहुंचे भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की.

Sokha Baba Temple: (सौरव कुमार सिंह) औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध सोखा बाबा मंदिर में आद्रा नक्षत्र के अवसर पर मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह से ही महिला एवं पुरुष श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े रहे. मौसम साफ रहने के कारण दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा.

बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से पहुंचे श्रद्धालु

आद्रा नक्षत्र के अवसर पर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर सोखा बाबा मंदिर पहुंचे. भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और बेहतर कृषि उपज की कामना की.

भीड़ नियंत्रण में आई परेशानी

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि बैरिकेडिंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और पुलिस बल की कमी के कारण मेले और मंदिर परिसर में अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला. कई श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबे समय तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा.

सोखा बाबा मंदिर से जुड़ी है विशेष मान्यता

सोखा बाबा मंदिर को लेकर क्षेत्र में गहरी धार्मिक आस्था है. मान्यता है कि यदि किसी व्यक्ति को विषैले सांप या बिच्छू के काटने के बाद जीवित अवस्था में मंदिर लाकर स्नान कराया जाए तथा सोखा बाबा की पूजा-अर्चना और जयकारा लगाया जाए, तो उसे जीवनदान मिल सकता है.

मंदिर परिसर की मिट्टी को भी श्रद्धालु अत्यंत पवित्र मानते हैं. स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस मिट्टी को घर में छिड़कने से विषैले जीव-जंतु घर में प्रवेश नहीं करते.

किसानों के लिए भी विशेष महत्व रखता है आद्रा नक्षत्र

ग्रामीण क्षेत्र के किसानों के बीच यह परंपरा प्रचलित है कि वे आद्रा नक्षत्र में सोखा बाबा की पूजा-अर्चना करने के बाद ही खरीफ फसलों की बुआई और अन्य कृषि कार्यों की शुरुआत करते हैं. इसलिए इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान भी मंदिर पहुंचकर अच्छी बारिश और भरपूर फसल की प्रार्थना करते हैं.

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Published by: Vivek Ranjan

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 7 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Network 10 न्यूज़ चैनल से की. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कार्यरत हैं.

बिहार की राजनीति, प्रशासन, चुनाव, शिक्षा, कृषि, रोजगार, सरकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों की गहन रिपोर्टिंग करते हैं. राज्य की राजनीतिक गतिविधियों, नीतिगत फैसलों और उनके आम लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. इसके साथ ही वे कृषि, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं.

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