Aurangabad News : सीतयोग शिव मंदिर में आयोजित 10वें वार्षिकोत्सव एवं पावन नागपंचमी महोत्सव का सोमवार को धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धा के बीच भव्य समापन हुआ. दो दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी. भगवान शिव के जयकारों और धार्मिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.
महारुद्राभिषेक और महाअभिषेक में शामिल हुए श्रद्धालु
महोत्सव के अंतिम दिन सोमवार को सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक भगवान शिव का महारुद्राभिषेक एवं महाअभिषेक कराया गया. इसके बाद ध्वज पूजन का आयोजन हुआ. श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और नाग देवता की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की.
हवन के बाद हुई महाआरती
दोपहर 12:30 बजे से दो बजे तक विधिवत हवन किया गया. इसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा.
श्रद्धालुओं के बीच बांटा गया महाप्रसाद
महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण शुरू किया गया, जो श्रद्धालुओं के आगमन तक जारी रहा. शाम 6:45 बजे संध्या आरती के साथ दिनभर के धार्मिक कार्यक्रमों का समापन हुआ.
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अखंड हरिकीर्तन का भी हुआ समापन
इससे पूर्व रविवार को अखंड हरिकीर्तन का आयोजन शुरू किया गया था, जिसका समापन सोमवार को हुआ. दो दिनों तक चले धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
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फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजा मंदिर परिसर
महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. फूलों और रंग-बिरंगी सजावट के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन और पूजन किए. आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला.
सीतयोग परिवार ने जताया आभार
सीतयोग विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. राजेश कुमार सिंह और कुलाध्यक्ष कुमार योगेंद्र नारायण सिंह की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर महोत्सव को सफल बनाने की अपील की गई थी. आयोजकों ने कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और आयोजन से जुड़े लोगों के प्रति आभार जताया. पूरे सीतयोग परिवार ने धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और महोत्सव को भव्य बनाने में सक्रिय योगदान दिया.
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