सावित्री बाई फुले ने महिलाओं को अपनी बेहतरी के लिए शिक्षा को हथियार बनाने की वकालत की

अनुग्रह स्कूल में पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले की मनी जयंती

अनुग्रह स्कूल में पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले की मनी जयंती औरंगाबाद शहर. जिला मुख्यालय स्थित पीएम श्री अनुग्रह मध्य विद्यालय में प्राचार्य उदय कुमार सिंह की अध्यक्षता में भारत की पहली महिला शिक्षिका रही सावित्री बाई फुले की जयंती मनायी गयी. प्राचार्य ने कहा कि 19वीं सदी के समाज में महिलाओं के प्रति हो रहे अन्याय के प्रति सावित्री बाई ने आवाज उठायी व उन्हें शिक्षा को अपनी बेहतरी के लिए हथियार बनाने की वकालत थी. आज महिलाओं का हर क्षेत्र में बढ़ती भूमिका के लिए उन्होंने सावित्री बाई की भूमिका को अप्रतिम बताया. बतौर मुख्य अतिथि पधारे डेमा मध्य विद्यालय हरिहरगंज पलामू के प्रधानाध्यापक नरेंद्र पांडेय एवं मध्य विद्यालय ओरा के प्रधानाध्यापक रमेश कुमार ने भी सावित्री बाई की तस्वीर पर पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि प्रकट किये. कहा कि सावित्री बाई का भारतीय धरा पर आना एक युगांतरकारी परिघटना रही है. उन्होंने सामाजिक व्यवस्था में पुरुषों के समकक्ष महिलाओं को खड़ा करने में उनकी विषम परिस्थिति में निभायी गयी भूमिका को स्मृत किये. उन्होंने उनके पति ज्योतिबा फुले की भूमिका को भी याद किया, जिन्होंने समाज का परवाह नहीं करते हुए अपनी पत्नी को साक्षर किया और उनको शिक्षिका का औपचारिक प्रशिक्षण दिलाकर शिक्षिका बनवाया एवं समाज में बालिका शिक्षा का उनसे अलख जलवाया. प्राचार्य उदय कुमार सिंह के साथ-साथ विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं एवं बच्चों ने भी सावित्री बाई फुले की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की.

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By SUJIT KUMAR

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