कुटुंबा के पीयूष कुमार ने यूजीसी नेट में हासिल किया 99.71 पर्सेंटाइल, जेआरएफ के साथ असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए भी क्वालीफाई

Aurangabad News : कुटुंबा के पीयूष कुमार ने यूजीसी नेट परीक्षा में 99.71 पर्सेंटाइल लाकर जेआरएफ क्वालीफाई किया. उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है.

Aurangabad News : कुटुंबा प्रखंड की दधपा पंचायत के रसोइया गांव निवासी इंजू देवी और श्रीकृष्ण सिंह के पुत्र पीयूष कुमार ने अपनी मेहनत और अनवरत अध्ययन के बल पर यूजीसी नेट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. उन्होंने भूगोल विषय में 300 में से 248 अंक प्राप्त कर 99.71 पर्सेंटाइल हासिल किया है. इसके साथ ही पीयूष ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) और असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए भी क्वालीफाई किया है. उनकी सफलता से परिवार, गांव और जिले में खुशी का माहौल है.

लगातार चार बार उत्तीर्ण की यूजीसी नेट परीक्षा

पीयूष ने कठिन परिस्थितियों के बीच यह उपलब्धि हासिल की है. जहां विद्यार्थी इस कठिन परीक्षा में एक बार सफलता हासिल करने को बड़ी उपलब्धि मानते हैं, वहीं पीयूष ने लगातार चार बार यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. पीयूष, जिसका अर्थ 'अमृत' है, ने अपनी उपलब्धियों के जरिए अपने नाम को भी सार्थक किया है.

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की एमए की पढ़ाई

पीयूष ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा संत इग्निसियस विद्यालय से पूरी की. इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में एमए की पढ़ाई की. विश्वविद्यालय में मिले बेहतर मार्गदर्शन के दौरान उन्होंने शोध के क्षेत्र में अपनी वास्तविक रुचि और क्षमता को पहचाना. इसके बाद उन्होंने शोध के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ते हुए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं.

जियोइन्फॉर्मेटिक्स विभाग में कर रहे पीएचडी

वर्तमान में पीयूष सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड, रांची के जियोइन्फॉर्मेटिक्स विभाग में पीएचडी शोधार्थी हैं. उनका शोध आधुनिक कृषि और रिमोट सेंसिंग तकनीक के समन्वय पर आधारित है. वे औरंगाबाद में धान की फसल के स्वास्थ्य की निगरानी और बेहतर कृषि प्रबंधन के लिए 'कंप्यूटर विजन' तकनीक के उपयोग पर गहन शोध कर रहे हैं.

इसरो समेत कई प्रतिष्ठित संस्थाओं की परियोजनाओं पर किया काम

एक सक्रिय अकादमिक प्रतिभा के रूप में पीयूष इसरो, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और आईसीसीआर जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थाओं की महत्वपूर्ण शोध परियोजनाओं पर काम कर चुके हैं. रिमोट सेंसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन विजन पर उनकी मजबूत पकड़ है. इसी प्रतिभा के चलते हाल ही में उन्हें बीआईटी मेसरा के कंप्यूटर साइंस विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में विशेष व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया था.

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युवाओं के लिए प्रेरणा बनी पीयूष की सफलता

शिक्षा, शोध और नवीन तकनीकों के प्रति पीयूष का समर्पण क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना है. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर प्रयास, मेहनत और सही दिशा में आगे बढ़ने से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

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गणमान्य लोगों ने दी बधाई

पीयूष की सफलता पर समकालीन जवाबदेही के संपादक डॉ. सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह, अधिवक्ता सिद्धेश्वर विद्यार्थी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. कुमार वीरेंद्र, दधपा के शिवकुमार सिंह, झरहा के सत्येंद्र नारायण सिंह सहित अन्य लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है. लोगों ने पीयूष के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी सफलता को क्षेत्र के लिए गौरव की बात बताया.

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लेखक के बारे में

By सुजीत कुमार सिंह

सुजीत कुमार सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. क्राइम की खबरों की गहरी समझ है. वर्ष 2014 से प्रभात खबर औरंगाबाद में ब्यूरो चीफ की जिम्मेवारी संभाल रहे हैं. सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज, औरंगाबाद से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.

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