बारहमासी सड़क के लिए तरस रहे मंझार गांव के लोग, आवागमन में रही परेशानी

कई बार तो यह भी बताया गया कि सड़क निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया की गयी है. अगले माह से कार्य शुरू होगा

अंबा. गांव के विकास के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं. इसके बावजूद कई गांवों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव दिखता है. यहां तक दर्जनों गांव आज भी पक्की सड़क से वंचित है, जिससे बरसात में आवागमन करने में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कुटुंबा प्रखंड मंझार गांव के लोग आज भी बारहमासी सड़क के लिए तरस रहे हैं. उक्त गांव मटपा पंचायत के वार्ड नंबर एक में पड़ता है, तकरीबन 40 घरों की आबादी है. उक्त गांव की सड़क मटपा व दधपा पंचायत के बॉर्डर में पड़ती है. गांव के प्रसिद्ध राम, राम लखन मेहता, लक्ष्मण मेहता, मिथिलेश मेहता, बैकुंठ राम, रंजय मेहता, कुंदन मेहता, धर्मेंद्र मेहता, सनी मेहता, ओम प्रकाश कुमार, उमाशंकर राम, नवल मेहता आदि ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए पंचायत से जिले के वरीय स्तर के जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाकर थक चुके हैं. जनप्रतिनिधियों द्वारा आज तक सिर्फ आश्वासन दिया जाता है. कई बार तो यह भी बताया गया कि सड़क निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया की गयी है. अगले माह से कार्य शुरू होगा. परंतु, धरातल पर ऐसा कुछ नहीं दिखता है. ग्रामीणों ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी बरसात के दिनों में होती है. बारिश होते ही आवागमन बंद हो जाता है. ऐसे में बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है.ं वहीं किसी व्यक्ति को बीमार पड़ जाने पर अस्पताल पहुंचने में भी फजीहत होती है. ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय मुखिया द्वारा हर बार यह कह कर टाल दिया जाता है कि यह उनकी सीमा क्षेत्र में नहीं है. इसलिए पंचायत से निर्माण नहीं कराया जा सकता है. ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक एवं जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सड़क बनवाने की मांग की है. विदित हो कि यह गांव उत्तर कोयल नहर से दक्षिण करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

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By Sujit kumar

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