मानसून पहुंचते ही औरंगाबाद के जगई गांव में शुरू हुई धान की रोपाई, किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद

Dhan Ki Ropai: औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड में मानसून सक्रिय होते ही किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर रोपाई से बेहतर उपज और रबी फसलों की समय पर बुवाई संभव होगी.

Dhan Ki Ropai: मानसून सक्रिय होते ही कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र में खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की रोपाई शुरू हो गई है. बलिया पंचायत के जगई गांव निवासी किसान रामप्रवेश पांडेय ने अपने खेतों में धान की रोपाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है. किसानों का मानना है कि समय पर रोपाई होने से इस वर्ष अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है.

रोहिणी नक्षत्र में तैयार की थी धान की नर्सरी

किसान रामप्रवेश पांडेय ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र के अंतिम चरण में ही धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार कर ली गई थी. मानसून की समय पर दस्तक मिलने के बाद समर्सिबल मोटर से खेतों की सिंचाई कर भूमि तैयार की गई और अब तेजी से धान की रोपाई कराई जा रही है.

उत्तरी बिहार से बुलाए गए कृषि मजदूर

रोपाई कार्य समय पर पूरा करने के लिए उत्तरी बिहार से कृषि मजदूर बुलाए गए हैं. मजदूरों की सहायता से व्यवस्थित ढंग से धान की रोपाई की जा रही है, ताकि पौधों का विकास बेहतर हो और उत्पादन में वृद्धि हो सके.

अगात रोपाई से किसानों को मिलेंगे कई फायदे

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, समय से पहले या अगात धान की रोपाई किसानों के लिए लाभदायक होती है. इससे फसल को पर्याप्त बढ़वार का समय मिलता है, रोग एवं कीटों का प्रकोप कम होता है और अच्छी पैदावार की संभावना बढ़ जाती है. साथ ही धान की कटाई समय पर होने से रबी मौसम में गेहूं सहित अन्य फसलों की बुवाई भी निर्धारित समय पर हो जाती है.

20 हजार हेक्टेयर में धान आच्छादन का लक्ष्य

जिला कृषि विभाग ने कुटुंबा प्रखंड में इस वर्ष 20 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए लगभग 2 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की नर्सरी तैयार की गई है.

अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा

जगई गांव के रामप्रवेश पांडेय के साथ-साथ सूही गांव के किसान अजीत ने भी समय पर धान की रोपाई शुरू कर अन्य किसानों को कृषि कार्य समय से करने का संदेश दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि "समय से पहले चेत किसान" की कहावत को इन किसानों ने व्यवहार में उतारकर मिसाल पेश की है.

जलवायु परिवर्तन के दौर में समय पर खेती जरूरी : मौसम वैज्ञानिक

मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनूप कुमार चौबे ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की अनिश्चितता बढ़ी है. ऐसे में किसानों को कृषि कार्य के समय का सही आकलन करना होगा. यदि समय पर धान की रोपाई की जाती है तो बेहतर उत्पादन मिलने की संभावना रहती है. उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में मौसम के स्वरूप में बदलाव आया है, लेकिन फिलहाल मौसम खरीफ फसलों के लिए अनुकूल है. इसलिए किसानों को बिना देर किए धान की रोपाई पूरी कर लेनी चाहिए.

इसे भी पढ़ें: औरंगाबाद जनता दरबार में डीएम अभिलाषा शर्मा ने सुनीं लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश



प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ambuj kumar

Published by: Vivek Ranjan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >