Aurangabad News : सरकार भले ही हर खेत तक बिजली पहुंचाने और निर्बाध आपूर्ति के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन धरातल पर प्रशासनिक उदासीनता की तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है. ऐसा ही मामला ओबरा प्रखंड के पकड़ी गांव का है, जहां किसानों की सुविधा के लिए करीब दो वर्ष पहले ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था, लेकिन आज तक उसमें बिजली की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. किसानों का आरोप है कि ट्रांसफॉर्मर चालू नहीं होने के बावजूद उपभोक्ताओं के नाम पर बिजली बिल भेजा जा रहा है. इससे बिना एक यूनिट बिजली की खपत किए बिल मिलने को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है.
बिजली नहीं मिली, फिर भी उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा बिल
स्थानीय किसानों के अनुसार, उपभोक्ता मिथलेश कुमार उपाध्याय, सुदामा सिंह, रामनारायण सिंह, बालेश्वर सिंह, अभय कुमार शर्मा सहित अन्य लोगों के नाम पर बिजली बिल भेजे जा रहे हैं. किसानों का कहना है कि जब कृषि कार्य के लिए लगाए गए ट्रांसफॉर्मर में अब तक बिजली की आपूर्ति ही नहीं हुई, तो बिल किस आधार पर भेजे जा रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, बिजली की सुविधा नहीं मिलने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है. सिंचाई के लिए किसानों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जबकि गांव में लगा ट्रांसफॉर्मर महज शो-पीस बनकर रह गया है.
चुनाव के समय किसानों के हितैषी बनने का आरोप
स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि, मुखिया, विधायक और सांसद चुनाव के समय किसानों के हितैषी बनने का दावा करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं होती. किसानों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक ट्रांसफॉर्मर को चालू कराने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है.
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सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ने समस्या के समाधान की पहल का दिया भरोसा
समस्या की जानकारी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार विक्कल को मिली. उन्होंने मामले के समाधान के लिए पहल करने की बात कही. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जाति, पैसे और अन्य प्रलोभनों के आधार पर अयोग्य प्रत्याशियों का चयन करना ऐसी समस्याओं की मूल वजह है. उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव में कर्मठ और जिम्मेदार व्यक्तियों को नहीं चुना जाएगा, तब तक जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए इसी तरह भटकना पड़ेगा.
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बिजली विभाग और प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
कमलेश कुमार विक्कल ने कहा कि फिलहाल इस गंभीर जनसमस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर आवाज उठानी शुरू कर दी गई है. संबंधित विभाग तक मामला पहुंचाकर समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है. अब ग्रामीणों की नजर बिजली विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर है. किसानों को उम्मीद है कि विभाग ट्रांसफॉर्मर को जल्द चालू कराने के साथ बिना बिजली आपूर्ति के भेजे जा रहे बिलों की भी जांच करेगा, ताकि पकड़ी गांव के किसानों को बिजली संकट और कथित गलत बिलिंग से राहत मिल सके.
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