Aurangabad Public Grievance Hearing : औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार की सुनवाई में विभिन्न जनशिकायतों पर सुनवाई की. समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित बैठक में भूमि विवाद, फर्जी केवाला, एनटीपीसी भूमि अधिग्रहण, दाखिल-खारिज, जमाबंदी, अतिक्रमण और पुनर्वास सहायता समेत कई मामलों पर संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए.
एनटीपीसी भूमि अधिग्रहण सहित कई मामलों की हुई सुनवाई
सुनवाई के दौरान वर्ष 2012 में एनटीपीसी के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े अशोक यादव के मामले, नवीन कुमार की निजी भूमि से बिजली पोल एवं तार हटाने की अपील, सुनील कुमार केसरी की फर्जी केवाला के आधार पर सरकारी भूमि पर निर्माण की शिकायत तथा कमलेश सिंह की अंचल अधिकारी मदनपुर से संबंधित शिकायत पर विचार किया गया.
दाखिल-खारिज, अतिक्रमण और पंचायत भवन के मुद्दे भी उठे
बैठक में विकेश कुमार सिंह द्वारा सात वर्षों से अधूरे पंचायत सरकार भवन निर्माण को पूरा कराने की मांग, मुकेश कुमार सिंह के दाखिल-खारिज मामले, मुखदेव सिंह की जमाबंदी में कथित छेड़छाड़, रामदयालु सिंह एवं अन्य ग्रामीणों की निजी भूमि से अतिक्रमण हटाने की अपील तथा मनीष कुमार द्वारा सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने की मांग पर भी सुनवाई हुई.
पुनर्वास सहायता से जुड़े मामलों पर भी निर्देश
रामदुलारी देवी द्वारा पति की हत्या के बाद पुनर्वास एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की अपील सहित अन्य मामलों पर भी जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से प्रतिवेदन लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए.
समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है. उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले की तथ्यात्मक जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को त्वरित प्रशासनिक राहत मिल सके.
