अब उत्तर कोयल नहर से सिंचाई करने में किसानों को नहीं होगी दिक्कत

भीम बराज के 36 नंबर गेट के काउंटर वेट को पूर्व सांसद करा रहे ठीक

भीम बराज के 36 नंबर गेट के काउंटर वेट को पूर्व सांसद करा रहे ठीक

औरंगाबाद/कुटुंबा. उत्तर कोयल नहर से इस बार खरीफ फसल में धान की सिंचाई करने में किसानों को अब दिक्कत नहीं होगी. इसके लिए औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह हर संभव कोशिश कर रहे हैं. भीम बराज के 36 नंबर गेट के काउंटर वेट को ठीक कराने के लिए उन्होंने बिहार व झारखंड जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारियों से लेकर कार्य एजेंसी से बात की है. पूर्व सांसद ने बताया कि विभाग द्वारा बराज के सभी संरचनाओं को कंप्लीट करने के लिए अहमदाबाद के हार्डवेयर एंड मशीन टूल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को जिम्मेदारी दी गयी थी. खरीफ मौसम के बाद उसे बिल्कुल कंप्लीट करा दिया जाना है. वर्तमान में उक्त कंपनी ने कैडनियम कंपाउंड, गेट वेयरिंग, सायरन व इलेक्ट्रिक मोटर, गेयर बॉक्स व ड्रम बॉक्स के साथ-साथ गेट की रस्सी को ठीक कर दिया था. वहीं बराज के क्षतिग्रस्त गेट को हटाकर नया गेट लगाने के लिए यथावत छोड़ दिथा था. इसी बीच नदी में भयंकर बाढ़ आने से क्षतिग्रस्त काउंटर वेट अचानक झूक गया है. श्री सिंह ने बताया कि जब मुझे काउंटर वेट बैंड होने की सूचना मिली तो मैने कंपनी के मैनेजर को फोन पर संपर्क कर वस्तु स्थिति से अवगत कराया. हालांकि, औरंगाबाद के चीफ इंजीनियर अर्जुन प्रसाद सिंह द्वारा भी मुझे जानकारी मिली थी. उन्होंने बताया कि मोहम्मदगंज के भीम बराज के सभी सरंचनाओं को दुरुस्त रखने से लेकर झारखंड भाग में 31.40 किलोमीटर दूरी तक मुख्य नहर को जीर्णोद्धार कराने की जिम्मेदारी झारखंड की ही है. बिहार की सरकार तय रोस्टर के अनुसार इसके लिए 90 प्रतिशत राशि आवंटित कराती है. वहीं झारखंड के अधिकारी की देखरेख में उक्त क्षेत्र में सभी तरह काम होता है.

झारखंड में सही ढंग से नहीं हो रहा बराज से मेंटनेंस व रखरखाव

गौरतलब है कि झारखंड की नजरिया कोयल नहर के प्रति ठीक नहीं है. इसकी वजह से बराज के रखरखाव व मेनटेनेंस सहीं ढंग से नहीं हो रहा है.पूर्व सांसद की पहल पर मैकेनिकल इंजीनियर की देखरेख में कंपनी के टेक्निकल कर्मी बराज के 36 नंबर गेट का काउंटर वेट ठीक करने में जुटे हुए है. काउंटर में चैन पुली का सहारा देकर उसे दुरूस्त करने का प्रयास जारी है. वैसे हाल के खरीफ फसल की खेती के बाद गेट नंबर 19 और 36 नंबर के काउंटर वेट को रिमॉडलिंग किया जाना है. काउंटर झुकने से एक तरफ किसान चितिंत थे, वहीं दूसरे तरफ एग्जिक्यूटिव इंजीनियर से लेकर एसई व चीफ इंजीनियर परेशान नजर आ रहे थे. काउंटर वेट कामचलाऊ होने से मोहम्मदगंज बराज से लेकर औरंगाबाद के चीफ इंजीनियर ने राहत की सांस ली है. अधिकारी इस बात को लेकर चिंतित थे कि काउंटर वेट ज्यादा झूकने से 36 नंबर से साथ-साथ दोनों साइड के 35 और 37 पर भी टूट सकता है.

क्या बताते हैं एसई

जल संसाधन विभाग के एसई गजेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि कोयल नहर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है. बराज में पानी की कमी नहीं है. 1300 क्यूसेक पानी मेन कैनाल में छोड़ा जा रहा है. वहीं अतिरिक्त 28 हजार क्यूसेक पानी बराज के डाउन साइड कोयल नदी में बहाया जा रहा है.

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By Sujit kumar

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