औरंगाबाद: भीम बराज मोहम्मदगंज से उत्तर कोयल मुख्य नहर में टेस्टिंग के लिए छोड़ा गया 255 क्यूसेक पानी

North Koel Canal Aurangabad : औरंगाबाद के मोहम्मदगंज भीम बराज से उत्तर कोयल मुख्य नहर में टेस्टिंग के लिए 255 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की जांच शुरू कर दी है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को सिंचाई मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.

North Koel Canal Aurangabad : उत्तर कोयल मुख्य नहर से किसानों को सिंचाई के लिए जल्द पानी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह के निर्देश पर शनिवार को भीम बराज, मोहम्मदगंज से राइट साइड उत्तर कोयल मुख्य नहर में टेस्टिंग के लिए 255 क्यूसेक पानी छोड़ा गया.

पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुआ नहर संचालन

नहर संचालन से पहले जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बराज के आरएमसी गेट का विधिवत पूजन कर खरीफ फसल के लिए मौसम अनुकूल रहने की कामना की. इस दौरान बराज के सहायक अभियंता सुरेंद्र कुमार, जूनियर इंजीनियर शुभम कुमार, मनीष कुमार, सौरभ पटेल, मुकेश कुमार सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे.

बराज में पर्याप्त पानी, बढ़ाई जा सकती है जलराशि

सहायक अभियंता ने बताया कि भूगर्भ जल रिचार्ज के लिए बराज में पर्याप्त पानी उपलब्ध है और वाटर पोंड लेवल 2.4 मीटर तक पहुंच गया है. खरीफ फसल को ध्यान में रखते हुए नहर का संचालन शुरू किया गया है. पहले दिन 255 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. यदि तटबंधों में कहीं कोई समस्या नहीं मिलती है तो पानी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है. उन्होंने बताया कि उत्तर कोयल नहर फिलहाल बरसाती नहर है और नदी के जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा होने पर इसका संचालन किया जाता है. जल भंडारण के लिए बराज के डाउनस्ट्रीम के सभी गेट बंद कर पानी संग्रहित किया गया है.

टेस्टिंग से किसानों में उत्साह

मुख्य नहर में टेस्टिंग के लिए पानी छोड़े जाने से किसानों में उत्साह का माहौल है. हालांकि विभाग का कहना है कि यदि टेस्टिंग के दौरान तटबंधों में रिसाव या अन्य तकनीकी समस्या मिलती है तो पानी छोड़ना अस्थायी रूप से रोका जा सकता है. इस वर्ष कम वर्षा के कारण तटबंध सूखे हैं और उनमें दरारें भी हैं. ऐसे में वितरणी और उप-वितरणी नहरों की सुरक्षा विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है.

पिछले वर्ष से पांच दिन देर से शुरू हुई टेस्टिंग

विभागीय जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष 30 जून को टेस्टिंग के लिए पानी छोड़ा गया था, जबकि इस वर्ष इसकी शुरुआत पांच जुलाई को हुई है. यदि टेस्टिंग सफल रहती है तो किसानों को खरीफ फसल की खेती में सुविधा होगी. किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर सिंचाई कार्य प्रभावित हो सकता है.

किसानों से सहयोग की अपील

मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह ने कहा कि उत्तर कोयल नहर के अधीन क्षेत्रों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है. उन्होंने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मौसम अनुकूल रहने पर खरीफ खेती में कोई परेशानी नहीं होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि नहर संचालन के दौरान कोई भी अनधिकृत व्यक्ति छेड़छाड़ न करे. यदि कहीं तटबंध में रिसाव या अन्य समस्या दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें.

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Published by: Ambuj kumar

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