मेडिकल कॉलेज के लिए पातालगंगा मठ की जमीन का मिला एनओसी

औरंगाबाद में मेडिकल कॉलेज निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है

औरंगाबाद/देव. औरंगाबाद में मेडिकल कॉलेज निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है. बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए पातालगंगा मठ की जमीन की एनओसी भी दे दी है. इसी के साथ मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर चल रही चर्चाओं पर लगभग विराम लग गया है. बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन ने डीएम व पातालगंगा ट्रस्ट के अध्यक्ष सह एसडीओ को पत्र भी प्रेषित कर दिया है. अध्यक्ष रणवीर नंदन ने उक्त पत्र में कहा है कि न्यास पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धाम न्यास है. जनहित एवं सार्वजनिक जन कल्याण के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के भवन निर्माण के लिए भूमि दान देने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की गयी है. पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति की 12 जुलाई 2025 को हुई बैठक में उक्त उद्देश्य की पूर्ति के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया. मठ के महंत आदित्य ब्रह्मचारी द्वारा भी 18 फरवरी को उक्त भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना की गयी थी. ऐसे में जनहित व सार्वजनिक जन कल्याण को देखते हुए बिहार हिंदू धार्मिक न्यास अधिनियम के अधीन इस शर्त के साथ उक्त चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम संबंधित श्री पातालगंगा ट्रस्ट पर होगा. इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है. पत्र में यह भी कहा है कि सरकार उक्त न्यास के विकास एवं प्रबंधन व्यय के लिए एक निश्चित उचित राशि का प्रतिवर्ष भुगतान मंदिर को करेगी, ताकि मंदिर का विकास हो सके.

जिला जज ने किया स्थल का निरीक्षण

इधर, सूत्रो से जानकारी मिली कि देव के पाताल गंगा मेडिकल कॉलेज को लेकर धार्मिक न्यास परिषद द्वारा एनओसी मिलने के बाद पातालगंगा में जिला जज राजकुमार पहुंचे और भूमि का स्थल निरीक्षण किया. वहीं, पातालगंगा मंदिर में पूजा अर्चना की. पुजारी संजय पाठक ने विधि विधान से पूजा कराया. पातालगंगा न्याय समिति के उपाध्यक्ष महंत आदित्य ब्रह्मचारी, सचिव राजेंद्र यादव, सदस्य सुरेंद्र यादव, युगेश यादव, उदय यादव ने पातालगंगा मंदिर का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया. ज्ञात हो कि मेडिकल कॉलेज पातालगंगा मठ की जमीन पर बनना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान जमीन का निरीक्षण भी किया था. उस समय कॉलेज निर्माण की घोषणा की गयी थी. इसके बाद राज्य कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी थी. करीब 430 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी. मेडिकल कॉलेज के लिए कुल 20 एकड़ जमीन की जरूरत है. इसमें से 12 एकड़ जमीन पातालगंगा मठ की है, बाकी आठ एकड़ जमीन बिहार सरकार की है. मठ की न्यास समिति ने अपनी जमीन देने का प्रस्ताव जिला प्रशासन और बिहार राज्य धार्मिक बोर्ड को भेजा था बोर्ड के प्रशासक द्वारा एनओसी दे दिया गया है.

एनओसी में लक्ष्मण की भागीरथी की चर्चा

पाताल गंगा मठ की जमीन पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण की चर्चा सुर्खियों में रही. कभी हां तो कभी ना की चर्चा से एक अलग राजनीतिक पारा गर्म रहा.अब राजनीतिक तूफान थम सा गया है. बड़ी बात यह है कि पाताल गंगा की मठ की जमीन का एनओसी दिलाने में एक नाम सुर्खियों में है और वह है देव मंदिर न्यास समिति के सदस्य व समाजसेवी लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता का. पाताल गंगा मठ समिति के सदस्यों ने शनिवार को मठ प्रांगण में एनओसी मिलने पर खुशियां जतायी. महंत व उपाध्यक्ष आदित्य ब्रह्मचारी, सचिव राजेंद्र यादव, सदस्य सुरेंद्र यादव, जितेंद्र यादव, उदय यादव, वीरेंद्र यादव, संजय पाठक, योगेश यादव आदि ने कहा कि लक्ष्मण गुप्ता ने मेडिकल कॉलेज निर्माण की बधाओं को दूर करने में भागीरथी प्रयास किया. इधर, लक्ष्मण गुप्ता ने कहा कि भगवान सूर्य की कृपा से एनओसी मिला है. वे उनके भक्त है. उन्होंने तत्परता से काम किया और मेडिकल कॉलेज निर्माण का रास्ता साफ हो गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sujit kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >