Aurangabad News : ओबरा प्रखंड स्थित महफिल-ए-कालीन में शुक्रवार को 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन संस्था के अध्यक्ष प्रमोद कुमार एवं मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी राजनंदन प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रबंधक विकास रत्नम ने किया.
बुनकरों की कारीगरी ही उनकी राष्ट्रीय पहचान : राजनंदन प्रसाद
मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी राजनंदन प्रसाद ने सभी बुनकरों एवं देशवासियों को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बुनकरों की कुशल कारीगरी ही उनकी राष्ट्रीय पहचान है. उन्होंने कहा कि हथकरघा से निर्मित वस्त्र सदियों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और हर मौसम में उपयोगी साबित होते हैं. महात्मा गांधी के स्वदेशी विचारों से लेकर आज तक हथकरघा उत्पादों की उपयोगिता और मांग लगातार बनी हुई है.
कार्यकुशलता बढ़ाने और स्थानीय उत्पाद अपनाने का दिया संदेश
राजनंदन प्रसाद ने बुनकरों से अपनी कार्यकुशलता को और बेहतर बनाने तथा क्षेत्र की प्रतिष्ठा को बनाए रखने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सभी लोगों को 'लोकल फॉर वोकल' की भावना के साथ स्थानीय हथकरघा उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि बुनकरों को निरंतर रोजगार मिल सके. उन्होंने बताया कि नए बुनकरों को संस्था से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जाएगा.
हस्तनिर्मित वस्त्रों की बढ़ रही मांग, बुनकरों के लिए बेहतर अवसर
उन्होंने कहा कि आज महानगरों सहित देशभर में हस्तनिर्मित वस्त्रों की मांग तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में स्थानीय बुनकर अपनी गुणवत्ता और कौशल के बल पर इसका भरपूर लाभ उठा सकते हैं. उन्होंने बुनकरों से आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप अपने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने की अपील की.
हथकरघा उत्पादों पर विशेष छूट का मिलेगा लाभ
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि हथकरघा उत्पादों पर 30 प्रतिशत तथा हथकरघा रेडीमेड उत्पादों पर 25 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है. लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इस सुविधा का लाभ उठाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की गई.
बड़ी संख्या में बुनकर और संस्था के पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर सहायक प्रबंधक विकास रत्नम के अलावा बुनकर इंद्रदेव भूइयां, कपिल भूइयां, हरि चौधरी, मिथुन चौधरी, अनुरोध प्रसाद, राजेश कुमार, विनय कुमार, दीपक कुमार, रेखा देवी, गीता देवी, सुनीता देवी सहित अन्य बुनकर एवं संस्था से जुड़े लोग उपस्थित रहे. कार्यक्रम में सभी ने हथकरघा उद्योग को मजबूत बनाने और स्थानीय बुनकरों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया.
