नगर पर्षद बोर्ड की आज होगी बैठक, हंगामे के आसार

विपक्षी खेमे ने किया होल्डिंग सर्वे पर चर्चा कराने की मांग

विपक्षी खेमे ने किया होल्डिंग सर्वे पर चर्चा कराने की मांग

दाउदनगर. नगर पर्षद बोर्ड दाउदनगर की मासिक बैठक मंगलवार को नप कार्यालय सभा कक्ष में होगी. इओ ऋषिकेश अवस्थी की तरफ से बैठक से संबंधित जारी पत्र के अनुसार बैठक में छह एजेंडों पर चर्चा होगी. आगामी जिउतिया पर्व के आयोजन की रूपरेखा तैयार करने पर विचार-विमर्श, सशक्त स्थायी समिति व बोर्ड की बैठकों में ली गई योजनाओं के तैयार प्राक्कलन परिमाण विपत्र की प्रशासनिक स्वीकृति दिए जाने पर विचार, नयी योजनाओं के चयन पर विचार एवं अन्याय (मुख्य पार्षद की सहमति से) विषयों पर चर्चा होगी. बैठक की सूचना इओ द्वारा काराकाट सांसद, औरंगाबाद विधान पार्षद, ओबरा विधायक, मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद, सभी पार्षद व अन्य संबंधित पदाधिकारियों को भेज दी गयी है.

होल्डिंग सर्वे पर हंगामे की आशंका

बदली राजनीतिक परिस्थिति में शहर में चल रहे जीएसआइ बेस मैप एंड प्रोपर्टी सर्वे के मुद्दे पर हंगामे की आशंका जतायी जा रही है. सूत्रों से पता चला कि विपक्षी खेमे के पार्षदों द्वारा इस महत्वपूर्ण बिंदु पर चर्चा की मांग की जा सकती है और चर्चा नहीं होने की स्थिति में हंगामा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता पार्षद राधा रमन पूरी, संजय प्रसाद एवं राजू कुमार द्वारा 14 अगस्त को ही कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन देकर नगर पालिका अधिनियम की धारा 58 के तहत लोक महत्व के विषय जीएसआइ बेस मैप एंड प्रॉपर्टी सर्वे पर विचार-विमर्श का विषय शामिल करने की मांग की गयी है. विपक्षी पार्षदों का कहना है कि अब तक इस विषय को बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है, जबकि यह अत्यंत ही जनहित का मुद्दा है. वार्ड पार्षद एवं पूर्व स्टैंडिंग कमिटी सदस्य बसंत कुमार का कहना है कि नगर विकास विभाग ने जिस एजेंसी द्वारा सर्वे कराने के लिए पत्र निर्गत किया था, उस एजेंसी से सर्वे न करा कर दूसरी एजेंसी से सर्वे कराया जा रहा है. पार्षदों को यह भी जानकारी नहीं दी गई है कि किस आधार पर टैक्स का निर्धारण होगा. उसका मापदंड क्या है. कौन सा कार्य कौन-सी एजेंसी कर रही है.

सड़कों के अनुसार ही सर्वे कर टैक्स निर्धारण होगा

पार्षद राधारमण पुरी कहा कि उन्हें जो सूत्रों से पता चला है, उसके अनुसार वर्तमान में सर्वे का कार्य एक एजेंसी द्वारा किया जा रहा है. घरेलू व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे कर उनके टैक्स का निर्धारण होना है. यह सर्वे जमीन के स्वामित्व का प्रमाण नहीं होगा. सर्वे के लिए शहर की सड़कों को तीन भाग प्रधान सड़क, मुख्य सड़क एवं अन्य सड़क में विभक्त किया गया है. सड़कों के अनुसार ही सर्वे का टैक्स निर्धारण होगा. सर्वे के बाद का टैक्स पक्का मकान व कच्चा मकान के आधार पर निर्धारण होगा. व्यावसायिक प्रतिष्ठान का अलग टैक्स का निर्धारण होगा. वर्तमान में केवल पहले से कटे चले आ रहे नगर पर्षद के रसीद के आधार पर सर्वे किया जा रहा है. नामांतरण के लिए नगर पर्षद में आवेदन देना होगा. नये मकान का टैक्स निर्धारण के लिए जमीन की रजिस्ट्री या बिजली रसीद काटने की तिथि से टैक्स देय होगा. इसमें भी कई विसंगतियां देखने को मिल रही हैं, जिस पर चर्चा होना आवश्यक है, अन्यथा आम जनता को अतिरिक्त टैक्स का बोझ सहना पड़ सकता है. पार्षद संजय प्रसाद एवं राजू कुमार ने कहा कि उन लोगों ने 14 अगस्त को ही कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र दिया है. नियमानुसार इओ को मुख्य पार्षद के पत्र अग्रसारित करना है. लेकिन, अब तक इस विषय को एजेंडा में शामिल करने संबंधित कोई कोई पत्र प्राप्त नहीं है. इससे स्पष्ट होता है कि मुख्य पार्षद इस विषय पर चर्चा नहीं कराना चाहतीं, लेकिन विपक्षी पार्षद जनहित के इस मुद्दे पर चुप बैठने वाले नहीं है. इस संबंध में इओ ऋषिकेश अवस्थी का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया. वाट्सएप पर मैसेज करने पर उनके द्वारा जिला में किसी बैठक में शामिल होने का जवाब दिया गया.

क्या कहती हैं मुख्य पार्षद

इस संबंध में पूछे जाने पर मुख्य पार्षद अंजलि कुमारी ने कहा कि इस विषय पर नप बोर्ड की पिछले बैठक में ही चर्चा हो चुकी है.जब फिर से चर्चा कराने के लिए पत्र दिया गया है तो अन्याय विषय में रखकर चर्चा कराई जाएगी.

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By SUJIT KUMAR

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