औरंगाबाद के मदनपुर-देव पथ पर वाहन ने मजदूर को कुचला, मौके पर ही मौत,परिजनों ने की मुआवजे की मांग

मदनपुर-देव पथ पर अज्ञात वाहन की टक्कर से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Aurangabad Road Accident : औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. मदनपुर-देव पथ पर उमगा तालाब के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने पैदल घर लौट रहे मजदूर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.

मृतक की पहचान पूर्णाडीह टोले पक्का पर निवासी स्वर्गीय जिमेंदार भुइयां के 52 वर्षीय पुत्र सुरेंद्र भुइयां के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि सुरेंद्र भुइयां रोज की तरह मजदूरी कर मदनपुर से अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया.

सुनसान सड़क बना मौत का कारण

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सुरेंद्र भुइयां जैसे ही उमगा तालाब के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि वे सड़क पर ही गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए.

रात का समय होने और सड़क सुनसान रहने के कारण घायल मजदूर काफी देर तक वहीं तड़पता रहा. उसके शरीर से काफी खून बह चुका था. अगर समय पर मदद मिल जाती, तो शायद उसकी जान बच सकती थी.

अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम

कुछ देर बाद एक राहगीर की नजर घायल पर पड़ी, जिसके बाद स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी गई. सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर ले जाया गया.

लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इस खबर के बाद अस्पताल में ही परिजनों का रोना-धोना शुरू हो गया.

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

घटना की सूचना मिलते ही मदनपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेज दिया है.

पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और अज्ञात वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.

मुआवजे की मांग, जनप्रतिनिधियों ने दिया भरोसा

घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला. लोगों ने सरकार से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है.

घटना की जानकारी मिलते ही कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी. उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सुरेंद्र भुइयां अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पत्नी सरोजनी देवी और चारों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है.

घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा, जिससे अब परिवार के सामने खाने-पीने तक की समस्या खड़ी हो गई है. आसपास के लोग भी इस घटना से काफी दुखी हैं और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं.

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By Vinay singh

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