Aurangabad News : औरंगाबाद जिले में उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुटुंबा प्रखंड के महाराजगंज स्थित देवी मंदिर के समीप एक अवैध उर्वरक गोदाम का भंडाफोड़ किया है. कृषि विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 105 बोरा उर्वरक और 284 बोतल नैनो यूरिया जब्त किया. जांच में बिना वैध लाइसेंस उर्वरक का भंडारण और बिक्री किए जाने की पुष्टि होने पर गोदाम को सील कर दिया गया. साथ ही गोदाम के किरायेदार के खिलाफ कुटुंबा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
गुप्त सूचना के बाद गठित हुई जांच टीम
जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज को गुप्त सूचना मिली थी कि महाराजगंज में बिना लाइसेंस बड़े पैमाने पर उर्वरक का भंडारण किया जा रहा है. सूचना मिलते ही उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र भेजा. इसके बाद उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कुटुंबा अंचलाधिकारी को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया.
जिला कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित जांच टीम में उर्वरक निरीक्षक सह प्रखंड कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार, कृषि समन्वयक प्रवीण सिंह और किसान सलाहकार दिलफराज अशर्फी शामिल थे.
गोदाम से मिली भारी मात्रा में खाद और नैनो यूरिया
संयुक्त टीम ने गोदाम का ताला खुलवाकर भौतिक सत्यापन किया. निरीक्षण के दौरान 105 बोरा जिंकयुक्त सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) और इफको की 284 बोतल नैनो यूरिया बरामद की गई. जांच में पाया गया कि उर्वरक बिना किसी वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के बिक्री के उद्देश्य से गोदाम में रखा गया था.
गोदाम सील, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी
बरामद उर्वरक को जब्त कर गोदाम को तत्काल सील कर दिया गया. गोदाम के किरायेदार अभिषेक प्रसाद जायसवाल (पिता- घनश्याम प्रसाद जायसवाल) के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा-7 के तहत कुटुंबा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई. यह मामला प्रखंड कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार के आवेदन पर दर्ज हुआ है.
कालाबाजारी पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
कुटुंबा थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि कृषि विभाग के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस उर्वरक के भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
